अंबाला। विश्व हिन्दू तख्त व ब्राहामण महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि क्या देश के सफाई कर्मचारी इंसान नहीं हैं, उनकी सुरक्षा की चिंता किसी को नहीं। जबकि सफाई कर्मचारी भी इस देश के हीरो हैं उनको सम्मान व सुरक्षा हर हालत में देने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को सख्त कानून व दिशा निर्देश जारी करने चाहिए। वीरेश शांडिल्य ने पत्रकारों से बात करते हुए आज मेयर व भाजपा जिलाध्यक्ष व सफाई कर्मचारियों की फोटो दिखाते हुए कहा कि दो दिन पहले स्वच्छता अभियान के तहत अंबाला भाजपा जिला अध्यक्ष मंदीप राणा व अंबाला शहर की मेयर अक्षिता सैनी ने कुछ मिनट सफाई की लेकिन वह भी हाथों को सुरक्षित करते हुए पहले दस्ताने डाले, मास्क लगाया फिर कुछ मिनट सफाई की लेकिन साथ खड़े सफाई कर्मचारियों के हाथों में झाडू तो था लेकिन न उनके हाथों में दस्ताने थे न मुंह पर मास्क था। वीरेश शांडिल्य ने कहा अपना खून खून सफाई कर्मचारियों का खून पानी है जो उनकी सुरक्षा की चिंता सरकारें, प्रशासन नहीं करता। विश्व हिन्दू तख्त व ब्राहामण महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि सफाई कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर चले जाए या किसी वार्ड का सफाई कर्मचारी बीमार हो जाए तो वार्ड में हाहाकार मच जाती है लेकिन सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा की बात कोई नहीं करता। राजनेता व सरकारें स्वच्छता अभियान के नाम पर कुछ सेकंड झाडू लगाते हैं लेकिन वह भी सुरक्षा किट के साथ लगाया जाता है लेकिन देश के सफाई कर्मचारियों के लिए कोई सुरक्षा किट नहीं है। केंद्र व राज्य सरकारों को इस पर गंभीरता से चिंतन करना चाहिए सफाई कर्मचारियों को स्थाई नौकरी पर रखा जाना चाहिए, उन्हें पेंशन मिलनी चाहिए, तमाम मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए क्योंकि समाज में सफाई का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर है। सीवरेज में उतारने से पहले तमाम तरह की सुरक्षा किट सफाई कर्मचारी के पास होनी चाहिए और देश के हर सफाई कर्मचारी की राज्य सरकारें कम से कम 10 लाख रूपए की इंश्योरेंस सुविधा मुहैया करवाए।
