करनाल, 13 जुलाई।  जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भूजल स्तर को गिरने से रोकने की दिशा में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रइया ने जिले के सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले उपचारित पानी के 100 प्रतिशत उपयोग के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए सभी एसटीपीज के उपचारित पानी का 100 प्रतिशत इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ.राहुल रइया ने सोमवार लघु सचिवालय के सभागार में एसटीपीज के उपचारित पानी  को दोबारा प्रयोग करने के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों  को निर्देश देते हुए कहा कि शोधित किए गए पानी का अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि ताजे पानी या भूजल के उपयोग को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि 50 एमएलडी वाले एसटीपी का कार्य जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि एसटीपी का सौ प्रतिशत उपचारित पानी का प्रयोग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों, पार्कों, ग्रीन बेल्ट और डिवाइडर पर लगे पौधों की सिंचाई के लिए किया जाए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि शिव कॉलोनी और हकीकत नगर में 1100 एकड़ भूमि में से 500 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई एसटीपी के उपचारित पानी से की जा रही है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि शेष 600 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई भी इस पानी से की जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में नगर निगम, जन स्वास्थ्य, कृषि सिंचाई, राजस्व तथा ग्राम सचिवों को संयुक्त रूप से जिला में स्थापित 8 एसटीपी का निरीक्षण कर उपचारित पानी के दुबारा उपयोग पर रिपोर्ट एक महीने के भीतर उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नगर निगम, कृषि विभाग, राजस्व और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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