करनाल, 8 जुलाई। जिला में भूजल सुधार के लिए बनाई जाने वाली जल संरक्षण संरचनाओं को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक बैठक आज यहां जिला सचिवालय में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें अगले साल 31 जुलाई तक जिला में 27 हजार जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समय तक लक्ष्य पूरा करने के लिए वे अभी से इस पर काम शुरू कर दें। हर 15 दिन बाद वे कार्य की समीक्षा करेंगे।
उपायुक्त के अनुसार नगर निगम को 10 हजार, मृदा संरक्षण विभाग को दो हजार, डीआरडीए को चार हजार (हर पंचायत में दस), सिंचाई विभाग को चार हजार, शिक्षा विभाग को एक हजार, एक्सईएन पंचायती राज को एक हजार, एचएसवीपी को दो हजार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डिवीजन एक व दो को एक हजार, डीएफओ को एक हजार संरचनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन संरचनाओं का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा तय आकार के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि संरचना निर्माण के बाद जियो टैगिंग के साथ फोटो पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि बनाई जाने वाली संरचनाओं में रूफ-टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट ( गहरे शाफ्ट), रिचार्ज बोरवेल, खुले कुएं( ड्राई डग वेल), रिचाज ट्रेंच आदि शामिल हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया, सहायक आयुक्त ( प्रशिक्षणाधीन) सोहम शैलेंद्र, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार, सिंचाई विभाग के एक्सईएन विकास राज, जिला परिषद के एक्सईएन प्रदीप धीमान, जन स्वास्थ्य विभाग अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ विकास गुप्ता, वीरेंद्र सिंह, डीएफओ सहित नगर निगम, एचएसवीपी, मृदा संरक्षण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
