कुरुक्षेत्र, 04 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी लॉज के प्रांगण में शनिवार को स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि के अवसर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों ने पुष्प अर्पित किए।
पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, आध्यात्मिक चेतना, आत्मविश्वास और मानव कल्याण के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने युवाओं में आत्मबल, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संचार किया तथा भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तो भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने का सपना साकार किया जा सकता है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। वह एक महान संत, विचारक और आध्यात्मिक गुरु थे जिन्होंने अपने ज्ञान, प्रेरक भाषणों और विचारों से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया को दिशा दी। स्वामी विवेकानंद सदैव युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्तित्व के धनी माने जाते रहे हैं जिन्हें ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। हमें स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर भारत को समृद्ध, विकसित, सुरक्षित, गौरव युक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार,, कुटा प्रधान प्रो. जितेन्द्र खटकड़, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. कुसुम लता, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. निधि माथुर, कुंटिया प्रधान राजवंत कौर, मौजूद थे।
पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, आध्यात्मिक चेतना, आत्मविश्वास और मानव कल्याण के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने युवाओं में आत्मबल, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संचार किया तथा भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तो भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने का सपना साकार किया जा सकता है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। वह एक महान संत, विचारक और आध्यात्मिक गुरु थे जिन्होंने अपने ज्ञान, प्रेरक भाषणों और विचारों से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया को दिशा दी। स्वामी विवेकानंद सदैव युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्तित्व के धनी माने जाते रहे हैं जिन्हें ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। हमें स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर भारत को समृद्ध, विकसित, सुरक्षित, गौरव युक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार,, कुटा प्रधान प्रो. जितेन्द्र खटकड़, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. कुसुम लता, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. निधि माथुर, कुंटिया प्रधान राजवंत कौर, मौजूद थे।
