कुरुक्षेत्र, 4 जुलाई। भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री गुलजारीलाल नंदा की 128वीं जयंती के अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय भारत रत्न श्री गुलजारी लाल नंदा केंद्र, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, स्वदेशी जागरण मंच तथा जन सहयोग संस्था, कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की। रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। यह एक ऐसा दान है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने सभी युवाओं से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
श्री सुभाष सुधा ने कहा कि भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा का जीवन सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनकी जयंती पर रक्तदान जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन उनके आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि युवा यदि नियमित रूप से रक्तदान का संकल्प लें तो अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इस अवसर पर रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने तथा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता ने बताया कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। रक्तदान को महादान बताते हुए आयोजकों ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की ।
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प्रथम रक्तदान शिविर में सहयोगी संस्थाओं ने दिया सहयोग
केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता ने बताया कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन में अनेक शैक्षणिक, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने सहयोग प्रदान किया। सहयोगी संस्थाओं में केयू की एनसीसी, एनएसएस, वाईआरसी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ(कुटा), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक संघ (कुंटिया), स्कूल शिक्षा विभाग, डॉ. हिम्मत सिंह सिंहा स्मृति न्यास, संस्कार भारती, भारत विकास परिषद, एक सहारा फाउंडेशन, मित्रजन सेवा एवं सहयोग समिति, सर्व समाज कल्याण सेवा समिति, स्थाणु सेवा मंडल, इंसानियत चैरिटेबल ट्रस्ट, पराक्रम युवा क्लब, मेंहदीरत्ता चैरिटेबल ट्रस्ट, एथलीट एसोसिएशन, हिंद जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, कुरुक्षेत्र शामिल रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की। रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। यह एक ऐसा दान है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने सभी युवाओं से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
श्री सुभाष सुधा ने कहा कि भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा का जीवन सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनकी जयंती पर रक्तदान जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन उनके आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि युवा यदि नियमित रूप से रक्तदान का संकल्प लें तो अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इस अवसर पर रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने तथा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता ने बताया कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। रक्तदान को महादान बताते हुए आयोजकों ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की ।
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प्रथम रक्तदान शिविर में सहयोगी संस्थाओं ने दिया सहयोग
केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता ने बताया कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन में अनेक शैक्षणिक, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने सहयोग प्रदान किया। सहयोगी संस्थाओं में केयू की एनसीसी, एनएसएस, वाईआरसी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ(कुटा), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक संघ (कुंटिया), स्कूल शिक्षा विभाग, डॉ. हिम्मत सिंह सिंहा स्मृति न्यास, संस्कार भारती, भारत विकास परिषद, एक सहारा फाउंडेशन, मित्रजन सेवा एवं सहयोग समिति, सर्व समाज कल्याण सेवा समिति, स्थाणु सेवा मंडल, इंसानियत चैरिटेबल ट्रस्ट, पराक्रम युवा क्लब, मेंहदीरत्ता चैरिटेबल ट्रस्ट, एथलीट एसोसिएशन, हिंद जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, कुरुक्षेत्र शामिल रहे।
