कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुष सर्व अध्यापक कल्याण समिति के कथित अध्यक्ष डॉ. अशोक राणा विश्वविद्यालय और उसकी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से लगातार भ्रामक एवं तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं। जिसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक, कुरुक्षेत्र को भी शिकायत सौंपी हुई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर गलत सूचनाएं प्रचारित की जा रही हैं, जबकि सभी मामलों में तथ्यों की जांच होने पर आरोप निराधार साबित हुए हैं।
कुलपति प्रो. धीमान ने कहा कि सबसे पहले सहायक प्रोफेसरों की नियमित भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने के लिए डॉ. अशोक राणा ने तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। कभी प्रश्नपत्र आउट होने की अफवाह फैलाई गई तो कभी भर्ती नियमों की अनदेखी कर नियुक्तियां किए जाने का दुष्प्रचार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को भर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी भी अभ्यर्थी की ओर से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गईं थी।
कुलपति ने कहा कि उनका पहला कार्यकाल पूर्ण होने वाला है और इसी कारण उनकी व्यक्तिगत तथा विश्वविद्यालय की संस्थागत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के नए स्थायी परिसर के निर्माण को लेकर भी मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाया गया, जबकि हरियाणा सरकार 465 करोड़ रुपये के प्रथम चरण के निर्माण कार्य का टेंडर लुधियाना की निर्माण एजेंसी को आवंटित कर चुकी है। निर्माण एजेंसी द्वारा साइट का निरीक्षण भी किया जा चुका है और शीघ्र ही सर्वे कार्य शुरू होगा।
प्रो. धीमान ने बताया कि डॉ. अशोक राणा द्वारा राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआईएसएम) को भी तथ्यों से परे शिकायत भेजकर गुमराह करने का प्रयास किया गया। इस संबंध में आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता द्वारा आयोग को सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं दस्तावेजी उत्तर उपलब्ध कराया गया, जिससे शिकायतों का कोई आधार नहीं पाया गया।
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के 50 से अधिक शिक्षकों ने लिखित रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन को बताया है कि उनका तथाकथित आयुष सर्व अध्यापक कल्याण समिति से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद विश्वविद्यालय ने समिति के पंजीकरण एवं वैधता की जांच शुरू कर दी है।
विश्वविद्यालय ने जिला रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी, कुरुक्षेत्र को पत्र भेजकर समिति के पंजीकरण प्रमाणपत्र, पंजीकरण तिथि, वैधता, एमओए, नियम एवं उपनियम, वर्तमान कार्यकारिणी और सदस्य सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या आधिकारिक रिकॉर्ड में वैद्य अशोक राणा समिति के अध्यक्ष के रूप में दर्ज हैं तथा पंजीकरण के बाद समिति में हुए किसी भी संशोधन का प्रमाणित रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया जाए।
