कुरुक्षेत्र 3 जुलाई। कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा आमजन की समस्याओं को गहराई से समझने और उनका त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से एक विशेष जनता दरबार की मुहिम शुरुआत की गई है। हर सप्ताह एक थाना में जनता दरबार लगाकर आमजन की शिकायतें और समस्या सुनते हैं पुलिस अधीक्षक। इसी कड़ी में दिनांक 3 जुलाई 26 को पुलिस का तीसरा दरबार थाना सदर थानेसर जिला कुरुक्षेत्र में लगाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन नागरिकों की शिकायतों का निवारण करना है, जिनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय थाना स्तर पर नहीं हो पा पाता, या जो लोग अपनी बात रखने के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचने में असमर्थ हैं। जनता दरबार में थाना एरिया के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक महोदय श्री चन्द्र मोहन ने थाना परिसर में आमजन की शिकायतें सुनी। पुलिस अधीक्षक ने मौका पर शिकायतों का निपटारा किया तथा थाना प्रभारी को करवाई करने के आदेश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना का निरीक्षण किया तथा साफ सफाई और रिकॉर्ड रखने सम्बन्धी जरुरी निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना में तैनात सभी अनुसंधानकर्ताओं की मीटिंग ली तथा शिकायतों और केसों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निपटारे के लिए हर सप्ताह एक विशेष थाने में इसी प्रकार दरबार लगाया जायेगा ।
पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से बहुउद्देशीय कार्यक्रम है। इसके तहत न केवल आम जनता की शिकायतें सुनी जा रही हैं, बल्कि थाने की कार्यशैली, दैनिक कामकाज और पेंडिंग मामलों का गहन निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि आज थाना सदर थानेसर में जनता दरबार लगाया गया जिसमे करीब 30 से ज्यादा शिकायतकर्ता हमारे पास आए। उनमें से लगभग 21 समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया और काफी लोग इससे संतुष्ट भी दिखे। जिनके अंदर कार्रवाई पेंडिंग थी उनको जल्द कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिस किसी अगर कर्मचारी की उसमें लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी हम कार्रवाई करतेहैं। उन्होंने कहा कि बहुत से मामले ज़मीन संबंधित पाए गए, उसमें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी अनुसंधानकर्ताओं की मीटिंग भी आज ली गई। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि जनता के प्रति अपनी जो है छवि को भी सुधारा जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए। कुछ जगहों पर सुधार की ज़रूरत है जिन पर सुधार भी किया जाएगा।
