कुरुक्षेत्र, 3 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार प्रो. महासिंह पूनिया ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष (चेयरपर्सन) का कार्यभार विधिवत ग्रहण कर लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से अगले आदेशों तक हिंदी विभाग के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रो. महासिंह पूनिया वर्तमान में विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज में हिंदी के प्रोफेसर हैं तथा इसके साथ जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान व लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक पद का दायित्व भी संभाल रहे हैं। उन्हें यह अतिरिक्त दायित्व उनके वर्तमान कार्यों के साथ सौंपा गया है। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि विभाग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप हिंदी अध्ययन एवं अनुसंधान को नई दिशा देने, साहित्यिक एवं अकादमिक गतिविधियों को गति प्रदान करने तथा विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी एवं शोधपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उनका निरंतर प्रयास करेगा। केडीबी सदस्य अशोक रोशा ने नवनियुक्त विभागाध्यक्ष को प्रो. पूनिया को भगवान उमा-महेश्वर का आकर्षक स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रॉक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. राजपाल, प्रो. कुसुमलता, डॉ. धर्मवीर, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार, कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़, डॉ. नवनीत बहल, प्रो. कुलदीप सिंह, डॉ. हरिओम फुलिया, डॉ. सुकर्मवती, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. गुरचरण, डॉ. ज्ञान चहल, डॉ. जसबीर सिंह, डॉ. सुखविन्द्र सिंह, डॉ. आबिद अली, डॉ. जसबीर, डॉ. देवेन्द्र बीबीपुरिया, डॉ. लता खेड़ा, डॉ. हरविन्द्र राणा, डॉ. सुभाष जडौला सहित शिक्षक व शोधार्थी मौजूद थे।
कुवि हिंदी विभाग की गौरवशाली रही है परंपरा
हिंदी विभाग की गौरवशाली परंपरा रही है। विभाग के इतिहास में ख्याति प्राप्त विद्वान हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे हैं जिनके नेतृत्व में हिंदी विभाग ने राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इन विद्वानों में डॉ. हरदेव बाहरी, डॉ. विनय मोहन शर्मा, डॉ. पद्म सिंह शर्मा ‘कमलेश’, डॉ. रामेश्वर लाल खंडेलवाल, पद्मश्री डॉ. जय भगवान गोयल,
डॉ. छविनाथ त्रिपाठी, डॉ. शिवप्रसाद गोयल, डॉ. ब्रह्मानंद, डॉ. भीम सिंह मलिक, डॉ. राजदेव सिंह, डॉ. लालचंद गुप्त ‘मंगल, डॉ. मीरा गौतम, डॉ. सरिता वशिष्ठ तथा डॉ. बाबूराम जैसे विद्वान विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। इसी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब प्रो. महासिंह पूनिया को कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा द्वारा सौंपी गई है।
कुरुक्षेत्र, 3 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित एलएलएम(बजटिड व एसएफएस), एमएसडब्ल्यू स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि इन परीक्षाओं के लिए कुल 522 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए आवंटित किया गया था, जिनमें से 468 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 54 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा विश्वविद्यालय के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई।
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि एलएलएम (बजटेड) की परीक्षा के लिए सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (ब्लॉक-1) केंद्र पर 217 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। इनमें से 199 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 18 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार एलएलएम. (सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम) की परीक्षा में 235 अभ्यर्थियों में से 210 ने परीक्षा दी, जबकि 25 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एम.एस.डब्ल्यू.) की प्रवेश परीक्षा के लिए वाणिज्य विभाग स्थित परीक्षा केंद्र पर 70 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। इनमें से 59 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 11 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई तथा परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित योजना के अनुरूप सुनिश्चित की गई थीं।
बाक्स
एमएससी फिजिक्स, एमए इतिहास व राजनीति विज्ञान प्रवेश परीक्षा में 472 अभ्यर्थी हुए शामिल
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि 2 जुलाई 2026 को आयोजित एमएससी फिजिक्स, एमए इतिहास व राजनीति विज्ञान प्रवेश परीक्षा पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। इन परीक्षाओं के लिए 607 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें से 472 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 135 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। एम.एससी. फिजिक्स प्रवेश परीक्षा में 182 अभ्यर्थियों में से 149 उपस्थित हुए। एम.ए. इतिहास प्रवेश परीक्षा में 160 में से 121 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, वहीं एम.ए. राजनीति विज्ञान की प्रवेश परीक्षा में 265 में से 202 अभ्यर्थी उपस्थित हुए।
