पंचकूला। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू बैंक से जुड़े हरियाणा के सरकारी विभागों के बैंक खातों में हुए 504 करोड़ रुपये के घोटाले में वीरवार को 25वीं गिरफ्तारी हुई।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी परवीन कुमार को सरकारी धन के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के अनुसार, जांच में सामने आया है कि परवीन कुमार ने विभाग की मंजूरी और आधिकारिक रिकॉर्ड के बिना गुप्त रूप से बैंक खाता खुलवाया था। आरोप है कि बाद में इसी खाते का इस्तेमाल सरकारी धन के गबन के लिए किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि चेक और डेबिट नोट्स के जरिए सरकारी राशि निकालकर आरोपी के नियंत्रण वाली शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई।
सीबीआई ने बताया कि खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता परवीन कुमार थे, लेकिन उसमें एक ऐसे अन्य आरोपी का मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, जो विभाग का कर्मचारी ही नहीं था। एजेंसी के मुताबिक ऐसा कथित तौर पर फर्जी लेन-देन को छिपाने के उद्देश्य से किया गया।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने को परवीन कुमार को गिरफ्तार किया। इससे पहले इसी मामले में एचएसपीसीबी के दो अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीबीआई के अनुसार, एचएसपीसीबी से जुड़ा यह मामला सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में सामने आए बड़े वित्तीय घोटाले का हिस्सा है। एजेंसी का आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और डेबिट नोट्स के माध्यम से शेल कंपनियों में स्थानांतरित किए गए।
