कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की हर्बल गार्डन, दशमूल वाटिका एवं औषधीय पौध नर्सरी की ओर से पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेद के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम श्री राजकीय विद्यालय, जठलाना (यमुनानगर), राजकीय विद्यालय इस्माइलाबाद व गीता निकेतन विद्यालय, कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न विद्यालयों को 250 से अधिक औषधीय पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि औषधीय पौधे केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेदिक परंपरा के संवाहक भी हैं। यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपने घर अथवा विद्यालय में एक औषधीय पौधा लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण के साथ-साथ आयुर्वेद का अमूल्य ज्ञान भी प्राप्त होगा। उन्होंने स्कूलों से पहुंचे प्रतिनिधियों से तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा एवं अन्य औषधीय पौधों के गुणों को जानने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निरंतर निर्वहन कर रहा है। औषधीय पौधों का वितरण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने तथा आयुष परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने की एक सार्थक पहल है। इस अवसर पर पूर्व कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणधीर सिंह, कार्यकारी प्राचार्य प्रो. सीमा रानी, प्रो. रविराज, प्रो. रविंद्र अरोड़ा, डॉ. सतबीर चावला, डॉ. प्रेरणा शर्मा, पीएम श्री राजकीय विद्यालय, जठलाना (यमुनानगर) डॉ. प्रशांत शर्मा, इस्माइलाबाद से अनिल शर्मा सहित विश्वविद्यालय एवं विद्यालय के अनेक शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।
