कुरुक्षेत्र। रक्तदान के क्षेत्र में प्रेरणादायी योगदान देने वाली 36 बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुकी कंचन अरोड़ा (माँ) तथा 18 बार रक्तदान कर चुकी उनकी पुत्री नेहा को ‘स्टार रक्तदाता’ सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, डायमंड रक्तदाता एवं पर्यावरण प्रहरी डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा आयोजित 594वें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के दौरान प्रदान किया गया। आओ मिलकर सौगंध उठाए, रक्त के अभाव में न प्राण कोई जाए- इस नारे को लेकर वर्षों से सेवारत डॉ. अशोक कुमार वर्मा स्वयं तो रक्तदान करते ही हैं, लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन उनका सम्मान और रक्त की आपूर्ति उनके जीवन का ध्येय बन चुकी है। शिविर में परमजीत सिंह, तुषार, तनिश, अमन, मंजीत कुमार, नरेश कुमार, राजबिंद्र सहित कुल 32 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। शिविर संयोजक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए नशामुक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है, जो स्वयं, परिवार और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे की सुई से दूर रहें और रक्तदान की सुई अपनाकर किसी जरूरतमंद का जीवन बचाएँ। उन्होंने कहा, “एक यूनिट रक्त कई मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है, जबकि नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देता है।” कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं सम्मानित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा समाज में रक्तदान और नशा मुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।
