करनाल, 2 जुलाई। यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति पर निगरानी को लेकर एक बैठक आज यहां जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूरिया और डीएपी को लेकर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खाद को लेकर कहीं भी कालाबाजारी/ जमाखोरी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिले तो फौरन कार्रवाई करें। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज करवाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है। यूरिया व डीएपी की सप्लाई को लेकर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खाद की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी व सुपरवाइजर पूरी ईमानदारी से ड्यूटी करें। खाद को लेकर कहीं भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो फौरन कार्रवाई करें। खाद को लेकर अक्सर लंबी लाइनें लगती रही हैं। यह सुनिश्चित करें कि खाद वितरण कार्य में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने सहायक रजिस्ट्रार अदिति सेंगर को भी नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि उपनिदेशक डा. वजीर सिंह ने बताया कि जिला में यूरिया की एक लाख मीट्रिक टन की जरूरत है। अब तक 68 लाख मीट्रिक टन प्राप्त हो चुका है जिसमें से 58 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरित किया जा चुका है। दस लाख मीट्रिक टन बाकी है। उन्होंने बताया कि 60 प्रतिशत यूरिया हैफेड और 40 प्रतिशत प्राइवेट डीलर्स के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। हरियाणा में सरकारी सब्सिडी के बाद 45 किलोग्राम के नीम-कोटेड यूरिया बैग की कीमत करीब 266 रुपये 50 पैसे निर्धारित है। इसी प्रकार डीएपी खाद की 50 किलोग्राम की बोरी का सरकारी अधिकतम खुदरा मूल्य 1350 रुपये निर्धारित है। उन्होंने बताया कि अनियमितताएं पाए जाने पर आठ डीलरों के लाइसेंस निलंबित और चार के रद्द किए जा चुके हैं। इसके अलावा एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
बैठक में सहायक आयुक्त(प्रशिक्षणाधीन)सोहम शैलेंद्र, कृषि उपनिदेशक डॉ वजीर सिंह, सहायक रजिस्ट्रार अदिति, हैफेड से बलजीत सिंह, इफको से मोहित, इंस्पेक्टर मलकीत सिंह, संदीप कांबोज, कश्मीरी लाल, सुशील कुमार, रणधीर सिंह, कृभको से फील्ड अधिकारी कार्तिक, एचयूआरएल के डिप्टी मैनेजर राजीव कुमार, एनएफएल के रोहित कुमार सहित विभिन्न प्राइवेट कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
