कुरुक्षेत्र, 1 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मानसून की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग डेंगू के खिलाफ पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इस मौके पर में जिला के नागरिकों को सचेत रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदेश सरकार की ओर से आओ मिलकर डेंगू रोकें का नारा देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे जुलाई महीने को डेंगू रोधी महीने के रूप में मनाएं और अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।
उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और हमेशा रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और पानी ठहरेगा जहां – मच्छर पनपेगा वहां की बात को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जिलावासियों को सलाह दी है कि वे प्रत्येक रविवार को अपने घरों में और शुक्रवार को अपने कार्यालयों में सुखा दिवस जरूर मनाएं। इस दिन सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज के पीछे बनी ट्रे, गमले तथा गमलों के नीचे रखी ट्रे को खाली करके कम से कम 24 घंटे तक सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे और लार्वा पूरी तरह नष्ट हो जाएं। इसके साथ ही उन्होंने छतों पर रखी पानी की टंकियों को हमेशा ढक्कन लगाकर बंद रखने तथा मानसून की बरसात शुरू होने से पहले छत पर पड़े बेकार प्लास्टिक के सामान, पुराने टायर और नारियल के खोल आदि को साफ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घरों के आस-पास के गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर रोधी क्रीम या कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त नागरिक अस्पताल में सरकारी डेंगू जांच प्रयोगशाला क्रियाशील हैं, जहां डेंगू की जांच पूरी तरह नि:शुल्क की जा रही है। इन सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जिला मलेरिया अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने ने लोगों को डेंगू के लक्षणों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि अकस्मात तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना और आंखों के पीछे दर्द होना (जो आंखें घुमाने से बढ़ता है), इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने जनता को सख्त हिदायत दी है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में जाकर खून की मुफ्त जांच करवाएं। उन्होंने विशेष तौर पर आगाह किया कि मरीज हमेशा चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं और भूलकर भी स्वयं कोई दवा न लें। उपायुक्त ने संदेश दिया कि यदि हमें इस बीमारी को अपने जिला से दूर रखना है, तो हम सबको मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
