पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा केडीबी के सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कुरुक्षेत्र के सर्वांगीण विकास व सौंदर्यीकरण के लिए बैठक में किया विचार-विमर्श
कुरुक्षेत्र, 21 अप्रैल।
 कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए सरकार द्वारा विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत पिपली से ज्योतिसर तक बड़े प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है जिसे अनुमोदन हेतु जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
यह बात पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा केडीबी के सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने आज हरियाणा निवास में आयोजित एक बैठक के दौरान कही। बैठक में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, जिला प्रशासन कुरुक्षेत्र तथा पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा आनलाईन माध्यम से जुड़े जबकि केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल तथा पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक ममता शर्मा सहित अन्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे।
डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कुरुक्षेत्र शहर को धर्मनगरी तथा गीता स्थली के रूप में इस प्रकार से विकसित करने की योजना बनाई गई है कि यहां पर देश ही नहीं, दुनिया भर के पर्यटक पहुंचेंगे। इसके लिए महाभारत अनुभव केंद्र व कुरुक्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों के विकास की योजना बनाई गई है। महाभारत अनुभव केंद्र की यात्रा से व्यक्ति को जीवन के सभी प्रश्नों के उत्तर आसानी से मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि महाभारत अनुभव केंद्र के जी-ब्लॉक के शेष निर्माण कार्य को भी गौरवशाली भारत तथा सरस्वती सिंधु सभ्यता की थीम पर करवाया जाएगा। महाभारत अनुभव केंद्र के मुख्य द्वार को म्यूरल्स डिजाईनों के साथ विशेष भव्यता प्रदान की जाएगी। अनुभव केंद्र की यात्रा भारत की आत्मा की यात्रा के समान होगी, इसलिए इसे विकसित करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने महाभारत अनुभव केंद्र में सोवेनियर शॉप, फूड कोर्ट तथा फोटो शॉप आदि संचालित करने के लिए भी अधिकारियों को कहा। उन्होंने गर्मियों के मद्देनजर महाभारत अनुभव केंद्र के खुलने की समय अवधि बढ़ाने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी यात्रा कर सकें।
डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा देश में 50 विश्वस्तरीय ‘आइकानिक साईट्स’ विकसित की जानी हैं जिनमें से एक हरियाणा में होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश की 3 साइट्स के नाम केंद्र सरकार को भिजवाए जाएंगे जिनमें कुरुक्षेत्र का नाम भी शामिल है। यदि इन योजना के तहत कुरुक्षेत्र का चयन होता है तो कुरुक्षेत्र का विकास बहुत तीव्र गति से होगा और पर्यटन के विकास के नजरिए से यह मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों से इसके लिए अभी से स्थान चिह्नित करने का कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में विकसित करने के लिए बहुत गंभीर हैं और इसके संबंध में जल्द ही एक बैठक भी करेंगे। उन्होंने कुरुक्षेत्र के सभी पर्यटन स्थलों, विशेषकर महाभारत अनुभव केंद्र के संबंध में पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता हेतु विशेष प्रचार कार्य करवाने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग कुरुक्षेत्र के पर्यटक स्थलों की सैर के लिए पहुंचें। इसके लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र में नियमित रूप से आमजन की सहभागिता वाली विविध गतिविधियां करवाने को भी कहा। उन्होंने कुरुक्षेत्र के प्रत्येक चैक-चैराहे, सडक़ों तथा नवनिर्मित एलिवेटिड रेलवे ट्रैक के नीचे के स्थानों के सौंदर्यीकरण के संबंध में भी अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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