करनाल। सेक्टर-9 स्थित श्री कृष्ण सेवा धाम में आयोजित पावन गुरु पूर्णिमा महोत्सव आध्यात्मिक श्रद्धा, भक्ति और गुरु महिमा के भावों से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचनों में कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा, श्रेष्ठ संस्कार और आत्मिक चेतना का प्रकाश भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को व्यवहार में उतारकर ही व्यक्ति धर्म, कर्म, सेवा और मानवता के आदर्शों को साकार कर सकता है। गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाता है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार तैयार करता है।
इस पावन अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता ने श्रद्धापूर्वक पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को गुरुजनों के आदर्शों, संस्कारों और श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। महापौर ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान महापौर रेणु बाला गुप्ता और भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता ने पूज्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज के दिव्य सान्निध्य में आशीर्वाद प्राप्त कर उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
संस्कृति की आत्मा का पर्व
भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की आत्मा का पर्व है। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए गुरु परंपरा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
