एचसीएस परीक्षा के संबंध में ड्यूटी मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वॉड और सेंटर सुपरिटेंडेंट को दिए दिशा निर्देश
करनाल में 48 सेंटरों पर 14616 कैंडिडेट देंगे परीक्षा
करनाल, 21 अप्रैल। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने 26 अप्रैल को करनाल में आयोजित होने वाली एचसीएस परीक्षा के संदर्भ में अधिकारियों की बैठक ली और ड्यूटी मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वायड और सेंटर सुपरिटेंडेंट को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करवाना हम सबकी ज्यादा जिम्मेदारी है, लापरवाही ना बरतें।
उपायुक्त मंगलवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में एचसीएस परीक्षा को लेकर जिला अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थ। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिविल सर्विसेज परीक्षा प्रदेश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। इसे हरियाणा लोक सेवा आयोग आयोजित कर रहा है। इस परीक्षा के लिए करनाल में 48 सेंटर बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से 12 बजे और 3 बजे से 5 बजे की दो शिफ्ट में परीक्षा होगी। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8.30 बजे से 9.50 बजे तक कैंडिडेट एंट्री कर सकते हैं जबकि दूसरी शिफ्ट में 1.30 बजे से 2.50 बजे तक एंट्री होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पारदर्शी तरीके से आयोजित करवाना हम सभी का अहम लक्ष्य है। सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का वहन करना है, कोई लापरवाही न बरतें। परीक्षा के नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया को बनाया गया है।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से एचसीएस की परीक्षा को लेकर जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और उनकी अनुपालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिला में स्थापित परीक्षा केंद्रों की स्थिति और सुविधाओं से संबंधित रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट व सुपरवाइजर भी संबंधित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करके प्रबंधों का जायजा लें। उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम करनाल को निर्देश दिए कि वे करनाल शहर में स्थापित धर्मशालाओं व सामुदायिक केंद्रों में साफ-सफाई, शौचालय, बिजली तथा पीने के पानी की समुचित व्यवस्था देखें ताकि दूसरे जिलों से एचसीएस की परीक्षा देने के लिए आने वाले परीक्षार्थियों की ठहरने की व्यवस्था करवाई जा सके। उन्होंने नगराधीश को निर्देश दिए कि वे परीक्षा को लेकर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित करवाएं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की दृष्टिगत पुलिस विभाग के जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, उनकी सूची ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सुपरवाइजर व सेंटर सुपरिटेंडेंट के साथ साझा की जाए। इसके अलावा परीक्षा के दिन ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू रूप से रखा जाए ताकि ट्रैफिक जाम की वजह से कोई भी बच्चा परीक्षा देने से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेजरी से लेकर परीक्षा केंद्र तक पेपरों को लेकर जाने और वापिस लाने के समय पुलिस कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने कोचिंग सेंटर संचालकों को भी हिदायत दी कि एचसीएस की परीक्षा के दौरान वे कोई ऐसी गतिविधि संचालित ना करें जिससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठें। अगर कहीं ऐसा नजर आया तो संबंधित के खिलाफ तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने जीएम रोडवेज को भी निर्देश दिए कि वे दूसरे जिलों में परीक्षा देने के लिए जाने वाले जिला के परीक्षार्थियों के लिए भी पर्याप्त मात्रा में बस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और उन्हें समय पर रवाना करवाएं। इसके अलावा लोकल स्तर पर भी परीक्षार्थियों के लिए बसों की व्यवस्था रखें।
कमरों की साफ सफाई, पीने के पानी, टॉयलेट, सीसीटीवी आदि की पहले से जांच कर ले अधिकारी : एडीसी
एचसीएस परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि सभी अधिकारी परीक्षा से पहले अपने सेंटर का दौरा कर लें। वहां पर कमरों में अच्छे से बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, टॉयलेट की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा, जैमर, बायोमेट्रिक मशीन आदि की व्यवस्था का पहले से जायजा ले लें। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में लगे प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी को पहचान पत्र वितरित किए जाएंगे। सभी परीक्षा निरीक्षक और अन्य अधिकारी समय से अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट करें। जिस कैंडिडेट का जिस कमरे में रोल नंबर हो उसी कमरे में उसे बैठने की अनुमति दी जाए। पेपर डिस्ट्रीब्यूशन और कलेक्शन के समय वीडियोग्राफी करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सेंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरा को इस तरीके से लगाया जाए कि परीक्षा देने आ रहे प्रत्येक कैंडिडेट को देखा जा सके।
परीक्षा केंद्र के सभी कमरों में लगी हो घड़ी : एडीसी
एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि परीक्षा केंद्र के सभी कमरों में घड़ी लगी हो और सभी घडिय़ों का समय एक हो। परीक्षा केंद्र पर लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी आई कार्ड दिया जाए। इसके अतिरिक्त परीक्षा केंद्र पर किसी को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा निरीक्षक भी अपना मोबाइल फोन सेंटर सुपरिटेंडेंट के पास जमा करवाएंगे। इस मौके पर नगराधीश मोनिका शर्मा व जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा सहित परीक्षा से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
