कुवि सीडीओई की बड़ी उपलब्धिः 10 हजार छात्र, 23 ऑनलाइन कोर्स और 45 दिन में रिजल्ट
कुरुक्षेत्र, 21 अप्रैल। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को नई दिशा देते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) ने जनवरी 2026 शैक्षणिक सत्र तक 10,000 विद्यार्थियों के नामांकन का महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर नए आयाम स्थापित किए है। वर्ष 2022 में मात्र चार ऑनलाइन कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ यह सफर आज 23 विशेषीकृत ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तक पहुंच चुका है, जो इसकी तीव्र प्रगति को दर्शाता है।
डिजिटल कैंपस का सशक्त मॉडल
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि सीडीओई ने एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया है, जो विद्यार्थियों को लचीला और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अनुभव प्रदान करता है। सप्ताहांत में लाइव ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से कामकाजी पेशेवरों और अन्य व्यस्त शिक्षार्थियों को पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित मजबूत ऑनलाइन परीक्षा पोर्टल के जरिए विद्यार्थी दुनिया के किसी भी कोने से सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल अध्ययन सामग्री, जो मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर उपलब्ध है, विद्यार्थियों को सहज अध्ययन का अनुभव देती है। एक सक्रिय छात्र सहायता प्रणाली भी स्थापित की गई है, जो विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करती है।
विस्तृत शैक्षणिक विकल्प
सीडीओई ने वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने पाठ्यक्रमों का दायरा बढ़ाया है। स्नातक स्तर पर बीए, बीकॉम और बीबीए, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर एमबीए, एमसीए और एमए (अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, जनसंचार) जैसे कार्यक्रम उपलब्ध हैं।
जनवरी 2026 से एमए (इतिहास), एमएससी (गणित), पीजीडीसीए और भगवद्गीता अध्ययन में पीजी डिप्लोमा जैसे नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एआई, ब्लॉकचेन, आईओटी और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सर्टिफिकेट कोर्स तथा फ्रेंच, जर्मन और जापानी भाषाओं में प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं।
तेज और छात्र-केंद्रित प्रशासन
सीडीओई ने प्रशासनिक दक्षता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। हाल ही में आयोजित परीक्षा परिणाम केवल 45 दिनों के भीतर घोषित किए गए, जो इसकी कार्यकुशलता को दर्शाता है। वर्ष में जनवरी और जुलाई दो प्रवेश सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिक लचीलापन प्रदान किया जा रहा है।
स्किलिंग पर विशेष जोर
सीडीओई ने कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक ऑनलाइन इंटर्नशिप पोर्टल भी लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान करते हुए अकादमिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच सेतु का कार्य करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी सुविधा अनुसार पूरा कर सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर पहचान
सीडीओई निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई का मोबाइल एप्लीकेशन शिक्षा को पूरी तरह मोबाइल-फर्स्ट अनुभव में बदल रहा है। इस डिजिटल पहल ने भौगोलिक सीमाओं को समाप्त कर दिया है। वर्तमान में यहां लगभग 250 विदेशी विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जो भारतीय उच्च शिक्षा की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। सीडीओई की यह उपलब्धि न केवल डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि तकनीक के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाया जा सकता है।

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