डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक आयोजित
करनाल, 21 अप्रैल। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य योजना बनाएं और अगले 15 दिनों में प्रगति नजर आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस योजना के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करके करनाल जिला को टॉप पर लेकर आएं।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम निर्धारित करके जिला के सभी गांवों एवं शहरी क्षेत्रों के वार्डों में जाकर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रचार-प्रसार किया जाए और आम उपभोक्ताओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए। इस दौरान आमजन को यह भी बताया जाए कि किस प्रकार वे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप कनेक्शन स्थापित करवा कर अपने बिजली बिल में राहत प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभों, योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया तथा सोलर रूफटॉप कनेक्शन स्थापित करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अधीक्षण अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि जिला में वर्ष 2024-25 के दौरान इस योजना के अंतर्गत 949 कनेक्शन जारी किए गए थे और वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढक़र 3511 हो गई है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि इस कार्य में और तेजी लाएं और ज्यादा से ज्यादा कनेक्शन लेने के लिए लोगों को प्रेरित करें। अधीक्षण अभियंता ने यह भी बताया कि जिला में म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत जिला के शत-प्रतिशत गांवों को लाभ मिल रहा है और लाइन लॉसेज घटकर अब केवल 8.32 प्रतिशत रह गया है।
बैठक में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत भारत सरकार द्वारा अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त हरियाणा के एक लाख गरीब परिवारों को सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिकतम 50 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है तथा 1 लाख 80 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय के लाभार्थी व वार्षिक अधिकतम 2400 यूनिट की खपत वाले उपभोक्ता हंै, वो इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पहले 2 किलोवाट तक 30 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से 60 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जाएगी। अगले 1 किलोवाट यानी की 2 से 3 किलोवाट तक रूफटॉप सिस्टम लगवाने पर 18 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इस तरह से अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की यह बेहतरीन योजना है जिसके द्वारा समाज के गरीब वर्ग की ऊर्जा संबंधित जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। इस योजना से गरीब परिवारों का ऊर्जा खर्च लगभग शून्य हो जाएगा। अगर खपत से ज्यादा बिजली का उत्पादन सोलर पैनल द्वारा किया जाता है तो वह बिजली विभाग के खाते में जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के सशक्तिकरण में लाभकारी होगी। योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। इस योजना से सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों को अपनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में अधीक्षण अभियंता पंकज मान, राजीव ढिल्लो, रमेश खटकड़, अभिषेक बाली, पंकज धवन और विशाल गोयत उपस्थित रहे।
बॉक्स: योजना का लाभ लेने के लिए इन अधिकारियों से कर सकते हैं सम्पर्क
अधीक्षण अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए http://www.pmsuryaghar.
