करनाल, 21 अप्रैल। जिला टास्क फोर्स कमेटी की एक बैठक आज यहां जिला सचिवालय सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त डा. राहुल रईया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें जिला में लिंगानुपात पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही कम लिंगानुपात वाले गांवों में सुधार के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए ।

बैठक में उप सिविल सर्जन (परिवार नियोजन) डा. शीनू चौधरी ने बताया कि मार्च तक जिला में लिंगानुपात 984 रहा जबकि गत वर्ष यह 944 था। उन्होंने बताया कि जिला में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की संख्या 100 है लेकिन क्रियाशील 98 हैं। पिछली तिमाही में 78 केंद्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि जिला में 11 ब्लाक के तहत 8 सीएचसी, 28 पीएचसी हैं। नीलोखेड़ी, असंध और इंद्री में अस्पताल हैं। पीएचसी स्तर पर भी लिंगानुपात का आकलन किया जाता है। जो गांव लिंगानुपात के मामले में अग्रणी रहता है उसकी तीन मेधावी विद्यार्थियों को बेस्ट विलेज अवार्ड के तहत सम्मानित भी किया जाता है। कहीं कोई बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई। इस पर डा. राहुल ने हर तिमाही में सभी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अगली बैठक में इस बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
एडीसी ने निर्देश दिए कि कम लिंगानुपात वाले गांवों की सूची भी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए और इन गांवों से जुड़े डाक्टर्स व एएनएम को भी बैठक में बुलाया जाए। डा. शीनू चौधरी ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी से भी अनुरोध किया गया है कि स्कूलों में बेटी बचाओ के प्रति विद्यार्थियों को प्रार्थना सभाओं में जागरूक करें और समय-समय पर रैली निकाली जाए। बैठक में उप सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग, सीडीपीओ संतोष गिरधर,  डीसीओ रितु मेहला भी मौजूद रही।

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