ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के प्रयासों से इस बार नदी में खुदाई होने के कारण नदी किनारे बसी कई कालोनियों के निवासियों को मिली राहत

बीती मध्यरात्रि टांगरी नदी में 20900 क्यूसिक यानी 9.5 फुट तक पानी आया, कुछ वर्ष पहले बाढ़ के समय इतना पानी आया था जिससे कई कालोनियां डूबी गई थी

टांगरी नदी में अभी आधी खुदाई ही हुई है, शेष खुदाई का कार्य बरसाती सीजन के बाद पूरा किया जाएगा

अम्बाला, 07 अगस्त- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज के प्रयासों से टांगरी नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के बावजूद नुक्सान नहीं हुआ है। नदी में बीती मध्यरात्रि तक जलस्तर 20900 क्यूसिक यानि 9.5 फुट तक पहुंच गया था। गत वर्षों में अम्बाला छावनी में आई बाढ़ के समय इतना पानी आया था जब कई कालोनियां नदी के पानी की वजह से जलमग्न हो गई थी। मगर इस बार बरसातों से पहले हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के प्रयासों से नदी तल में खुदाई का कार्य किया गया था जिस कारण नदी का पानी सुरक्षित आगे निकल गया। नदी में अभी खुदाई का कार्य आधा ही हुआ है क्योंकि बरसातों के कारण इसे रोक दिया गया था, शेष खुदाई का कार्य बरसाती सीजन के बाद पूरा होगा।
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता (एसई) मनीष कुमार ने बताया कि टांगरी नदी में 6 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजे 11000 क्यूसिक पानी चल रहा था और शाम को लगभग 4 बजे नदी में 7.0 फीट पानी यानी 15400 क्यूसिक डिस्चार्ज तक पहुंच गया और उसके बाद मध्यरात्रि पानी का डिस्चार्ज 20900 क्यूसिक तक पहुंच गया था। टांगरी नदी का डेंजर लेवल 7 फुट यानी 15400 क्यूसिक है। उन्होंने बताया विभाग द्वारा पिछले सालों में यह देखा गया है कि नदी में 15400 क्यूसिक पानी आने से आसपास की कालोनियां जिनमें न्यू टैगोर गार्डन, न्यू एकता वहार, प्रभु प्रेम पुरम, गांव रामपुर, सरसेहड़ी, चंदपुरा, करधान में जल-भराव हो जाता था और नदी के नजदीक बने घर पानी में डूब जाते थे। इससे लोगो को बहुत परेशानी और भारी नुकसान झेलना पड़ता था। वर्ष 2023 में नदी में आए पानी से अंबाला छावनी में करोड़ों का नुकसान हुआ था।

कैबिनेट मंत्री अनिल विज की वजह से गांव व कालोनियों को मिली सुरक्षा

अधीक्षक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि नदी के पानी से नुकसान को रोकने के लिए माननीय कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज जी ने टांगरी नदी को गांव रामगढ माजरा से गांव भुन्नी तक गहरा और चौड़े करने और गांव सरसेहड़ी और चांदपुरा में बांध बनाने के निर्देश दिए थे। सरसेहड़ी और चांदपुरा में बांध बनाकर सुरक्षा दी गई थी जिसके कारण चंदपुरा और सरसेहड़ी इस बार नदी में आए ज्यादा पानी से बच गया। बरसातों से पहले इस बार टांगरी नदी को गांव चंदपुरा, करधान और शाहपुर में गहरा और चौड़ा किया गया है और बचा हुआ कार्य बारिशों के बाद शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया टांगरी नदी की खुदाई के बाद नदी के पानी को ले जाने की क्षमता काफी बढ़ी है। इस बार 20900 क्यूसिक पानी भी नदी से बिना कोई नुकसान करे गुजर गया और कसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।

पहले महेशनगर पंप हाउस पर नदी के गेट बंद हो जाते थे, मगर इस बार नदी में खुदाई होने से दिक्कत नहीं हुई।
अधीक्षक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि टांगरी नदी में इस बाद हुई खुदाई के कारण अबाला कैंट के लोगों को काफ़ी राहत मिली है क्योंकि पहले महेश नगर पंप हाउस के गेट नदी में 2.5 फुट पानी आने पर ही बंद हो जाते थे लेकिन इस बार खुदाई के कारण यह गेट 4.5 फीट पानी होने पर बंद हो रहे है जिससे स्थानीय लोगों को बारिश के पानी से काफी राहत मिली है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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