कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा इस संगोष्ठी के मुख्य संरक्षक तथा कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल सिंह संरक्षक हैं। डॉ. धर्मबीर संगोष्ठी के संयोजक, डॉ. हरविंदर सिंह लोंगोवाल सह-संयोजक तथा डॉ. गुरप्रीत सिंह साहुवाला आयोजन सचिव हैं। डॉ. कुलदीप कुमार समन्वयक, जबकि डॉ. देविंदर बिबिपुरिया और डॉ. प्रवेश कुमार सह-समन्वयक की भूमिका निभाएंगे।
डॉ. धर्मबीर ने बताया कि संगोष्ठी के पहले दिन 22 अक्टूबर को उद्घाटन सत्र में कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा मुख्य अतिथि होंगे तथा हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के पूर्व कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के प्रो. हरविंदर सिंह भट्टी मुख्य वक्ता होंगे। इस अवसर पर कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल सिंह, डॉ. प्रीतम सिंह और डॉ. राजेश श्योराण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि दो दिनों के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इनमें श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की विचारधारा, बाणी, साहित्यिक योगदान और सामाजिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। 23 अक्टूबर को समापन सत्र में कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल सिंह मुख्य अतिथि होंगे। प्रो. हरिसिमरन सिंह रंधावा समापन भाषण देंगे, जबकि प्रो. जतिंदर शर्मा, डॉ. एम.के. बहल और डॉ. सुदर्शन गासो विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय का यह शैक्षणिक आयोजन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन और शिक्षाओं पर शोधपरक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनकी महान विरासत को व्यापक स्तर पर समझने का अवसर प्रदान करेगा।
