कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), कुरुक्षेत्र के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इस अवसर पर “सशक्त युवा, सशक्त राष्ट्र, राष्ट्र निर्माण एवं उत्तरदायी नागरिकता हेतु युवा” अभियान के अंतर्गत संस्थान के मूट कोर्ट रूम में “यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण” (पॉक्सो अधिनियम) विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विधि संस्थान के निदेशक प्रो. अमित लूदरी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और विधि के विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने विधिक ज्ञान को केवल अकादमिक अध्ययन तक सीमित न रखते हुए समाज के गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए तथा न्याय, समानता और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मंजिंदर गुलयानी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताया।
एसोसिएट प्रोफेसर कृष्णा अग्रवाल ने पॉक्सो अधिनियम, लैंगिक न्याय एवं महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. जतिन कालोन ने विद्यार्थियों से संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने तथा निःशुल्क विधिक सहायता शिविरों एवं क्लाइंट काउंसलिंग जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उपनिदेशक डॉ. रमेश सिरोही ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।
