करनाल, 12 अगस्त। कृषि तथा किसान कल्याण विभाग करनाल के उप-निदेशक डॉक्टर जसविंदर सिंह ने कहा कि जिला के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 14 अगस्त तक आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी फसल का बीमा करवाएं ताकि फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा दिया जा सके और सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं का भी लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि चालू सीजन खरीफ 2026 के अंतर्गत आने वाली अधिकृत फसलों (धान, बाजरा, मक्का व कपास) बीमा किसान 14 अगस्त तक अपने सम्बंधित बैंक में जाकर या जन सेवा केन्द्र (सी0एस0सी0) व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के ऑनलाइन पोर्टल और फसल बीमा कंपनी एचडीएफसी ईआरजीओ के माध्यम से करवा सकते है जिसके लिए चालू वर्ष में किसान को जीरी के लिए 892.49 रू0 प्रति एकड़, मक्का के लिए 463.04 रू0 प्रति एकड़, बाजरा के लिए 435.27 रू0 प्रति एकड़, कपास के लिए 2309.43 रू0 प्रति एकड़ बीमा राशि निर्धारित की गई है। जो ऋणी किसान फसल बीमा नही करवाना चाहते हैं वे किसान अन्तिम तिथि से एक सप्ताह पहले अपने बैंक में लिखित रूप में सूचित करेंगे अन्यथा बैंक द्वारा स्वत: ही फसल बीमा प्रीमियम काट लिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि बीमित किसान फसल खराब होने पर कृषि रक्षक पोर्टल पर टोल-फी नम्बर 14447 से खराब हुई फसल की सूचना 72 घण्टे के अन्दर दे सकते हंै जिसका सर्वे सम्बंधित बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी द्वारा किसान की उपस्थिति में किया जाएगा। इसके उपरांत किसान को फसल नुकसान प्रतिशत अनुसार मुआवजा देय होगा।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आगामी 14 अगस्त तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का पंजीकरण अवश्य करवा लें। सरकार द्वारा किसानों की सुविधा और फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह समय सीमा तय की गई है। इसलिए 14 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले अपनी फसलों का पंजीकरण करवाकर खुद को और अपनी मेहनत को सुरक्षित करें।
