कुरुक्षेत्र 7 अगस्त जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को छात्रवृत्ति का लाभ जारी किया जाता है। इसी कड़ी में दिव्यांगजन से संबंधित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और टॉप क्लास एजुकेशन के लिए आवेदन की तिथियों का पोर्टल पर निर्धारण कर दिया गया है। इसके तहत प्री-मैट्रिक के लिए 31 अगस्त 2026 तक, पोस्ट मैट्रिक के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक व टॉप क्लास एजुकेशन के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारण किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह छात्रवृति उन स्टूडेंट्स के लिए है, जिनकी डिसेबिलिटी 40 फीसदी या उससे ज्यादा है। इसके साथ-साथ सक्षम अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया डिसेबिलिटी का वैलिड सर्टिफिकेट, आधार बेस्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भी जरुरी है। एक ही माता-पिता के दो से ज्यादा डिसेबिलिटी वाले बच्चे इस स्कीम का फायदा नहीं उठा पाएंगे। अगर दूसरा बच्चा जुड़वां है, तो स्कीम के तहत स्कॉलरशिप जुड़वां को मिलेगी। किसी भी क्लास में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप सिफ एक साल के लिए मिलेगी। अगर किसी स्टूडेंट को कोई क्लास रिपीट करनी पड़ती है, तो उसे उस क्लास के लिए दूसरे (या अगले) साल स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत स्कॉलरशिप होल्डर को कोई दूसरी स्कॉलरशिप/स्टाइपेंड नहीं मिलेगा। इस स्कीम के तहत स्टूडेंट्स को कोई दूसरी स्कॉलरशिप/स्टाइपेंड लेने की तारीख से कोई स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी। दिव्यांग लोगों के लिए स्कॉलरशिप की डिटेल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उपलब्ध है। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्टूडेंट्स को हर स्कॉलरशिप के लिए निर्धारित की गई तारीखों से पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर सब्जेक्ट्स की स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने के लिए बढ़ावा दें।
उन्होंने कहा कि यह छात्रवृति उन स्टूडेंट्स के लिए है, जिनकी डिसेबिलिटी 40 फीसदी या उससे ज्यादा है। इसके साथ-साथ सक्षम अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया डिसेबिलिटी का वैलिड सर्टिफिकेट, आधार बेस्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भी जरुरी है। एक ही माता-पिता के दो से ज्यादा डिसेबिलिटी वाले बच्चे इस स्कीम का फायदा नहीं उठा पाएंगे। अगर दूसरा बच्चा जुड़वां है, तो स्कीम के तहत स्कॉलरशिप जुड़वां को मिलेगी। किसी भी क्लास में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप सिफ एक साल के लिए मिलेगी। अगर किसी स्टूडेंट को कोई क्लास रिपीट करनी पड़ती है, तो उसे उस क्लास के लिए दूसरे (या अगले) साल स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत स्कॉलरशिप होल्डर को कोई दूसरी स्कॉलरशिप/स्टाइपेंड नहीं मिलेगा। इस स्कीम के तहत स्टूडेंट्स को कोई दूसरी स्कॉलरशिप/स्टाइपेंड लेने की तारीख से कोई स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी। दिव्यांग लोगों के लिए स्कॉलरशिप की डिटेल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उपलब्ध है। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्टूडेंट्स को हर स्कॉलरशिप के लिए निर्धारित की गई तारीखों से पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर सब्जेक्ट्स की स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने के लिए बढ़ावा दें।
