शाहबाद 7 अगस्त सीएआरडीबी के चेयरमैन सुभाष कलसाना ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए जरुरी ऑक्सीजन देते है और हवा को साफ रखते है। वन हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन देने के साथ-साथ जलवायु को नियंत्रित करते है और अनेक जीव-जंतुओं का आवास होते है। जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। बढ़ता तापमान, असमय वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और प्रदूषण जैसी समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है।
सीएआरडीबी के चेयरमैन सुभाष कलसाना वीरवार को राजकीय मिडिल स्कूल गांव अटवाण में 77वें वन महोत्सव के तहत वन विभाग द्वारा आयोजित दूसरे चरण के जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले सीएआरडीबी के चेयरमैन सुभाष कलसाना, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, चेयरमैन गुरनाम सिंह सैनी, एसडीएम शंभु राठी, उप-वनसंरक्षक सुगा ई ने पौधारोपण कर वन महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान सभी मेहमानों ने ऑनलाइन माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लाइव संबोधन को भी सुना। चेयरमैन सुभाष कलसाना ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पावन और प्रेरणादायी है। यह वन महोत्सव प्रकृति संरक्षण के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। चिकित्सा विज्ञान मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा करता है, जबकि वृक्ष पृथ्वी के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन जीवन बचाती है, लेकिन जंगल हमें चौबीसों घंटे नि:शुल्क ऑक्सीजन प्रदान करते है। भारतीय संस्कृति में सदियों से वृक्षों को देव तुल्य माना गया है। पीपल, बरगद, तुलसी और नीम जैसे वृक्ष केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का भी आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि कम से कम एक पौधे को गोद लेकर उसकी नियमित देखभाल करें और पौधरोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन भर का संस्कार बनाएं। एक पेड़ मां के नाम एक प्रयास है जो हमारी मातृभूमि और प्रकृति के प्रति हमारे सम्मान और समर्पण को दर्शाता है। इस अभियान का उद्देश्य मां के नाम पर एक पेड़ लगाना और एक स्थायी स्मृति बनाना है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि एक हरे और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण में भी योगदान देगा। मां और प्रकृति दोनों ही जीवन का मूल आधार है और इसके माध्यम से हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है।
चेयरमैन रविंद्र सांगवान ने जिलावासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर हरित, स्वच्छ और समृद्ध कुरुक्षेत्र के निर्माण का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढिय़ों को सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण की अमूल्य विरासत मिल सके। स्वच्छता हमारे जीवन का मूल आधार है, अगर हमारे आसपास का वातावरण स्वच्छ होगा तो हम स्वस्थ रहेगा। पर्यावरण को स्वच्छ रखने में पेड़ों का हमेशा बड़ा योगदान रहता है। इसलिए सभी को पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ पौधे रोपित करके उनकी रक्षा भी करनी होगी।
चेयरमैन गुरनाम सिंह सैनी ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम मुहिम का हिस्सा बनें और अपनी मां के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बनाने के लिए पौधे जरूरी रोपित करे। सरकार ने पंचायतों एवं सार्वजनिक भूमि पर बड़े स्तर पर पौधारोपण का निर्णय लिया है तथा किसानों को दुर्लभ एवं संकटग्रस्त वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसलिए आमजन को इन कार्यक्रमों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण कर उनको संरक्षित रखने का प्रण लेना होगा। कार्यक्रम के उपरांत चेयरमैन सुभाष कलसाना सहित अन्य मेहमानों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम आने पर आठवीं कक्षा की छात्रा शिवानी, द्वितीय स्थान पर छठी कक्षा की छात्रा आर्वी व तृतीय स्थान पर आठवीं कक्षा की छात्रा राधिका को सम्मानित भी किया।
इस कार्यक्रम के मंच का संचालन एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने प्रदेश सरकार की नीतियों को गीतों के माध्यम से आमजन के समक्ष रखा। कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। एसडीएम शंभु राठी ने कार्यक्रम में पहुंचने पर सभी मेहमानों का स्वागत किया। कार्यक्रम में उप-वनसंरक्षक सुगा ई ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया और वन महोत्सव से संबंधित विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर सरपंच एसोसिएशन के स्टेट प्रधान जितेंद्र खैरा, सरपंच एडवोकेट विक्रम अटवान, वन रेंजर सुभाष, जेपी मेहता, सुभाष सैनी, प्रिंसीपल जितेंद्र अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
