करनाल, 5 अगस्त। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव ने बुधवार को सिविल अस्पताल स्थित नशा निषेध केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र के काउंसलर हर्ष वत्स ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को नशा पीड़ितों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए सिविल अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क चिकित्सा सुविधाओं तथा परामर्श सेवाओं की जानकारी दी।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मीनाक्षी यादव ने केंद्र में उपचाराधीन नशा पीड़ितों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने उपचार के लिए स्वेच्छा से सिविल अस्पताल में दाखिल होने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि नशे की लत से मुक्ति के लिए समय पर उपचार, परामर्श तथा परिवार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नशा पीड़ितों को नियमित रूप से उपचार एवं चिकित्सकों के परामर्श का पालन करने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान दे।
