नीलोखेड़ी/करनाल, 31 जुलाई। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी द्वारा प्रोफेसर बी. आर. काम्बोज, कुलपति, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन तथा डा. नरेश कौशिक, निदेशक (विस्तार शिक्षा) के दिशा निर्देशन में प्रसार कर्मियों के लिए नवीनतम प्रसार विधियाँ एवं सोशल मीडिया कौशल विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 27 से 31 जुलाई 2026 तक किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश एवं झारखंड से 24 विस्तार अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक एवं प्रभावी प्रसार विधियों के प्रति संवेदनशील बनाना, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, सोशल मीडिया एवं जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग में दक्षता विकसित करना तथा किसान-केंद्रित डिजिटल सामग्री तैयार करने के व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक एवं नवाचारी प्रसार विधियों का वर्गीकरण, चयन एवं उपयोग, प्रभावी प्रसार सेवाओं के लिए पारस्परिक संबंध, सोशल मीडिया टूल्स एवं मोबाइल एप्स का उपयोग, सोशल मीडिया हेतु शॉर्ट्स, रील्स एवं वीडियो निर्माण, किसानों के साथ संवाद के दौरान प्रभावी पब्लिक स्पीकिंग कौशल, फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन की योजना, संगठन एवं क्रियान्वयन, प्रशिक्षण में रोल-प्ले की प्रभावशीलता, किसान फील्ड स्कूल एवं सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन जैसी नवाचारी प्रसार विधियाँ तथा जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण जैसे समसामयिक एवं व्यावहारिक विषयों पर विस्तार शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों के अतिरिक्त आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के विशेषज्ञों द्वारा विशेष व्याख्यान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई), करनाल का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्होंने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों का अवलोकन किया तथा डेयरी क्षेत्र में विकसित आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. विजयपाल सिंह यादव ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि प्रसार प्रणाली को अधिक प्रभावी, सहभागी एवं किसान-केंद्रित बनाने के लिए विस्तार कार्मिकों का नवीन तकनीकों एवं आधुनिक संचार माध्यमों से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विस्तार अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं कार्यक्षमता में वृद्धि करते हैं, जिससे वे किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीकों, नवाचारों तथा किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से पहुँचा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं अनुभव का अपने कार्यक्षेत्र में उपयोग कर कृषि प्रसार सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।
डा. यादव ने यह भी बताया कि विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी प्रोफेसर बी. आर. काम्बोज, कुलपति, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर भारत के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि, उद्यान, पशु-पालन, मत्स्य पालन, वानिकी इत्यादि विभागों के विस्तार अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहा है।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस प्रशिक्षण के आयोजन में प्रशिक्षण समन्वयक डा. एस आर वर्मा, डा. सत्यकाम मलिक, डा. जसविंद्र कौर, डा. अनिल कुमार रोहिला, डॉ अजय कुमार के अलावा मदनपाल, वनीत, विजय खोखर व अंकित कुमार का भी योगदान रहा।
