कुरुक्षेत्र 30 जुलाई हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों एवं कार्यकारी अभियंता, उपमंडल अभियंता के लिए आयोजित छह दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन प्रतिभागियों को कुरुक्षेत्र जिले की ग्राम पंचायत अटवान का अध्ययन भ्रमण कराया गया। भ्रमण का उद्देश्य प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत स्तर पर हुए विकास कार्यों, मौजूद आधारभूत सुविधाओं तथा सुशासन की प्रभावी व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराना था।
अटवान के ग्राम सचिवालय में ग्राम वासियों व प्रशिक्षु को संबोधित करते हुए हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास को केवल कक्षाओं में पढक़र नहीं समझा जा सकता, बल्कि मैदानी अध्ययन से वास्तविक अनुभव प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण अधिकारियों को सफल कार्य प्रणालियों को समझने और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि ग्राम पंचायतों में किए जा रहे नवाचारों एवं जनसहभागिता आधारित विकास कार्यों से सीख लेकर ग्रामीण विकास को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने ग्राम पंचायत अटवान में विकसित तालाब, शिवधाम तथा ग्राम सचिवालय का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने इन विकास कार्यों की कार्यप्रणाली, रखरखाव तथा जनसहभागिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं संस्थान के सहायक आचार्य संदीप कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास एवं पंचायत प्रशासन के सफल मॉडलों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना है। अटवान के सरपंच विक्रम अटवान ने डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान एवं सभी प्रतिभागियों का पटका एवं मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. चौहान ने ग्राम पंचायत द्वारा तैयार किए गए के अमरूद के बाग में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
सरपंच विक्रम अटवान ने कहा कि ग्राम पंचायतों का समग्र विकास तभी संभव है जब प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण जैसे कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं, जिससे पंचायतों में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को गांव में किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया।सुनीता कुमावत (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सीकर, राजस्थान) ने ग्राम पंचायत अटवान के शिवधाम, तालाब एवं अन्य विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यहां की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
इस अध्ययन भ्रमण में हरियाणा एवं राजस्थान से आए प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों में सुशीला (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, अलवर), अभिषेक कार्यकारी अभियंता, जिला परिषद, कैथल), सुरेश चंद (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, करौली, राजस्थान), ईश्वरेंद्र, उपमंडल अभियंता बेरी, झज्जर), सुनीता कुमावत (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सीकर, राजस्थान) सहित अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर ग्राम सचिव रविंद्र यादव, कार्यकारी अभियंता अंकित वर्मा, कनिष्ठ अभियंता अमनदीप, सरपंच विक्रम अटवान, कंवरजीत, जगदीश सांगवान, जसविंदर पंवार, कृष्ण पटवारी, बलजिंदर राव तथा ग्राम पंचायत अटवान के अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
