दवाइयों, एंबुलेंस, स्टाफ की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं एवं मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा
कार्डियक अरेस्ट एवं अन्य गंभीर आपात स्थितियों में तत्काल प्राथमिक उपचार एवं जीवनरक्षक उपचार सुनिश्चित किया जाए : उपायुक्त
अम्बाला/नारायणगढ़, 18 सितंबर
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल, नारायणगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों के लिए व्यवस्थाओं, आवश्यक दवाइयों एवं संसाधनों की उपलब्धता, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तथा अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली का विस्तार से जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम नारायणगढ़ शिवजीत भारती भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आपातकालीन विभाग का दौरा किया तथा अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने चिकित्सकों से भी बातचीत करते हुए अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या एवं प्रकृति, उपचाराधीन मामलों, उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किए जाने वाले मरीजों तथा गंभीर अथवा विशेष उपचार की आवश्यकता वाले मामलों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
उपायुक्त ने गंभीर मरीजों की पहचान, प्रारंभिक आकलन, स्थिरीकरण एवं रेफरल के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा स्टाफ को निर्देश दिए कि जिन मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, उनका बिना किसी देरी के आकलन एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहां किसी मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करना आवश्यक हो, वहां आवश्यक स्थिरीकरण एवं प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाने के बाद रेफरल प्रक्रिया भी तुरंत शुरू की जाए।
पर्याप्त स्टाफ एवं ड्यूटी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त ने अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता तथा ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा की।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त स्टाफ कवरेज सुनिश्चित किया जाए तथा उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी एवं समुचित उपयोग किया जाए, ताकि मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने विशेष रूप से आपातकालीन एवं महत्वपूर्ण सेवाओं की ड्यूटी व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
ड्रग स्टोर एवं दवाइयों के स्टॉक रिकॉर्ड की जांच
उपायुक्त ने अस्पताल के ड्रग स्टोर का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा स्टॉक रिकॉर्ड एवं रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने मरीजों के उपचार में नियमित रूप से उपयोग होने वाली दवाइयों के स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि सभी स्टॉक रिकॉर्ड एवं रजिस्टर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमित रूप से अपडेट रखे जाएं।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दवाइयों की खपत एवं उपलब्धता की नियमित निगरानी करने तथा पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी आवश्यक दवा की संभावित कमी का पहले ही आकलन कर समय रहते नियमानुसार मांग एवं खरीद संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों के उपचार में दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित न हो।
एंबुलेंस एवं आपातकालीन उपकरणों का लिया जायजा
उपायुक्त ने अस्पताल की एंबुलेंस का भी निरीक्षण किया तथा उसमें उपलब्ध आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों एवं आपातकालीन सामग्री की स्थिति की जांच की।
उन्होंने निर्देश दिए कि एंबुलेंस हर समय उपयोग के लिए तैयार स्थिति में रहे तथा आवश्यक उपकरण, दवाइयां एवं जहां आवश्यक हो, ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध एवं कार्यशील रहे। उन्होंने एंबुलेंस में उपलब्ध आपातकालीन उपकरणों एवं सामग्री की समय-समय पर जांच करने तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें तत्काल रिप्लेस, रिफिल अथवा सर्विस करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होने पर एंबुलेंस की सुविधा बिना अनावश्यक देरी के उपलब्ध करवाई जाए।
कार्डियक अरेस्ट एवं गंभीर आपात स्थितियों में तत्काल उपचार पर विशेष जोर
उपायुक्त ने कार्डियक अरेस्ट एवं अन्य जीवनरक्षक आपात स्थितियों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट अथवा किसी अन्य गंभीर आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने के साथ ही मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक रीससिटेशन सपोर्ट उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गंभीर आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं हर समय पूरी तरह कार्यशील, आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम रहनी चाहिए।
उन्होंने चिकित्सा स्टाफ को निर्देश दिए कि आवश्यक आपातकालीन उपकरणों एवं दवाइयों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करें तथा स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल कार्रवाई करें।
पुराने अस्पताल भवन की मरम्मत कार्य की स्थिति की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुराने अस्पताल भवन की प्रस्तावित मरम्मत की स्थिति की भी समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ वीरेंद्र सिंह ने अवगत करवाया कि मरम्मत कार्य के लिए टेंडर पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मरम्मत कार्य शुरू करवाकर इसे समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए, ताकि अस्पताल के आधारभूत ढांचे में आवश्यक सुधार बिना अनावश्यक देरी के पूरे किए जा सकें।
स्वच्छता, चिकित्सा उपकरण एवं मरीजों की सुविधाओं की भी समीक्षा
एसएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने उपायुक्त को नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ की उपलब्धता, मरीजों की संख्या, उपचार एवं रेफरल व्यवस्था तथा अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उपायुक्त ने अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सा स्टाफ को स्वच्छता, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता, स्टाफ की उपलब्धता, आपातकालीन तैयारियों एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल परिसर एवं मरीजों के उपचार से जुड़े क्षेत्रों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने तथा सभी चिकित्सा उपकरणों की समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पडऩे पर कोई उपकरण अनुपलब्ध अथवा खराब न मिले।
प्रत्येक मरीज को समय पर मिले गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान आमजन को सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में आने वाले प्रत्येक मरीज को उचित चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार भी मिलना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सा स्टाफ को अस्पताल की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने, सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन उपलब्ध स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सरकारी अस्पतालों में आने वाले नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, कुशल एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
