कुरुक्षेत्र, 14 जुलाई : अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी के सान्निध्य में श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में चल रहे त्रिपिंडी श्राद्ध पूजन व अनुष्ठान का समापन हो गया।
इस अवसर पर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा पितरों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए हवन, पिंडदान और तर्पण के विशेष कर्म पूरे किए गए। त्रिपिंडी श्राद्ध और तर्पण के समापन के अवसर पर मंदिर में आषाढ़ अमावस्या पर पितृ दोष निवारण और तीन पीढ़ियों के पूर्वजों की मुक्ति के लिए विशेष वैदिक मंत्रोच्चारण किया गया। मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु अनुष्ठान में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस अवसर यजमान परिवारों ने अनुष्ठान पूजन के उपरांत दान इत्यादि किया गया।
महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पण करने का यह अवसर है। उन्होंने बताया कि कई लोगों के जीवन में परेशानियां समाप्त होने का नाम ही नहीं लेती हैं। इस के निवारण के लिए शास्त्रों में नारायण बलि का विधान बताया गया है। महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि नारायण बलि और नागबलि दोनों विधि मनुष्य की अपूर्ण इच्छाओं और अपूर्ण कामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है। इस अवसर पर स्वामी संतोषानंद, स्वामी राम नाथ पुरी, बिल्लू पुजारी, दलबीर सिंह, बलजीत सिंह, नाजर सिंह, अंग्रेज सिंह व सुक्खा सिंह इत्यादि भी मौजूद रहे।
