दिल्ली NCR में रेवाड़ी सहित प्रदेश के कई जिलों में बीती शाम मानसून की पहली झमाझम बारिश हुई। रेवाड़ी में एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने शहर को जमकर भिगोया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली तो वहीं नगर परिषद और जिला प्रशासन के बारिश से पूर्व तैयारियों के दावों की पोल खोलकर रख दी। करीब एक घंटे की तेज बारिश के बाद शहर की अधिकांश सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं सड़कों पर खड़े वाहन पानी में डूबे नजर आये। रेवाड़ी जिला नागरिक अस्पताल परिसर झील जैसा नजर आया। हालात ऐसे बन गए कि अस्पताल के अंदर तक पानी भर गया और मरीजों, उनके परिजनों तथा अस्पताल कर्मियों को घुटनों तक पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में हुए जलभराव के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल के अंदर तक पानी पहुंच जाने से इलाज के लिए आने वाले लोगों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह पानी निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई। विडंबना यह रही कि प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के गृह जिले का जिला नागरिक अस्पताल ही जलभराव की चपेट में आ गया। अस्पताल परिसर और भवन के भीतर तक पानी भरने के दृश्य स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना था कि जब जिला मुख्यालय का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल ही पानी में डूबा हुआ है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। बारिश का सबसे अधिक असर शहर के रेलवे रोड पर देखने को मिला, जहां कई वाहन पानी में डूबे नजर आए। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को वाहन निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं शहर के मुख्य सर्कुलर रोड सहित आर्य समाज रोड, भाड़ावास गेट व रेलवे रोड सहित कई पॉश कॉलोनियां भी जलमग्न हो गईं। घरों के बाहर और गलियों में पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। जलभराव के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर जाम जैसे हालात बन गए। सड़कें पानी में डूब जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गौरतलब है कि मानसून शुरू होने से पहले जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन पहली ही तेज बारिश में इन दावों की हकीकत सामने आ गई। शहर के विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जल निकासी व्यवस्था में स्थायी सुधार किया जाए ताकि हर बारिश में शहरवासियों को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े
