करनाल, 13 जुलाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सोमवार को मैसिव प्लांटेशन ड्राइव के तहत विशेष कार्यक्रम व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला उच्च शिक्षा अधिकारी व राजकीय महाविद्यालय करनाल की प्रधानाचार्य डॉ. रेखा त्यागी के सौजन्य से किया गया।
सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव के राजकीय महाविद्यालय पहुंचने पर  डॉ. रेखा त्यागी व स्टाफ  ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सीजेएम मीनाक्षी यादव ने पौधारोपण करके किया। उन्होंने इस मौके पर विद्यार्थियों को मैसिव प्लांटेशन ड्राइव के बारे में जागरूक किया और कैम्पेन ’एक प्रवेश, एक पौधा’ के अंतर्गत विद्यार्थियों व स्टाफ  को पौधा प्रदान कर पौधारोपण हेतु प्रेरित किया। उन्होने विद्यार्थियों व स्टाफ  को कार्यस्थल पर शारीरिक शोषण अधिनियम बारे जानकारी देते हुए विद्यालय में स्थापित आंतरिक कमेटी बारे जानकारी प्राप्त की और आग्रह किया कि शारीरिक शोषण होने का मामला कमेटी को रिर्पोट करें और झूठी शिकायत न करें और न उसमें भाग लें।
इसके बाद सीजेएम मीनाक्षी यादव सरस्वती पब्लिक स्कूल नीलोखेड़ी पहुंचीं जहां निदेशक एडवोकेट राफिक चौहान, सुनीश प्रवेज, प्रधानाचार्य और स्टाफ  ने उनका स्वागत किया। मौका पर मैसिव प्लांटेशन ड्राइव के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  सीजेएम ने की। उन्होंने पौधारोपण कर कार्यक्रम की शुरूआत की और विद्यार्थियो व स्टाफ  को पौधा प्रदान कर पौधारोपण हेतु प्रेरित किया। पैनल अधिवक्ता संगीता रानी ने विद्यार्थियो को यौन उत्पीडऩ अधिनियम बारे जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे की अपनी मर्जी कानूनी रूप से स्वीकार्य नही होती यदि कोई 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी या लडक़ा घर से भाग जाते हैं और मामला पुलिस को रिपोर्ट किया जाता है तो लडक़ी को सामाजिक प्रताडऩा सहन करनी पड़ती है और लडक़े के लिए सजा का प्रावधान है। सीजेएम मीनाक्षी यादव ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने हेतु प्रेरित किया और जीवन में शिक्षा बारे जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जिससे उन्हें या उनके परिवार को भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करने पड़े। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों व स्टाफ  को कार्यस्थल पर शारीरिक शोषण अधिनियम बारे जानकारी देते हुए बताया कि अधिनियम के अंतर्गत सभी विद्यालयों व कार्यस्थल पर स्थाई व आंतरिक कमेटी बनाई गई है। कोई भी पीड़िता इस अधिनियम के तहत कमेटी मे रिपोर्ट कर सकती है। उन्होंने आग्रह किया कि शारीरिक शोषण होने का मामला कमेटी को रिपोर्ट करें और झूठी शिकायत न करें और न उसमें भाग लें।
इसके बाद सीजेएम मीनाक्षी यादव ने तपन रिहैबिलिटेशन सेंटर, करनाल में इंटरप्रिएटर के जरिए जागरूकता शिविर का आयोजन कर विद्यार्थियों व स्टाफ  को पोषण संबधित जानकारी दी और फल वितरित कर पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर तपन रिहैबिलिटेशन सैंटर की इंचार्ज डा. सुजाता व स्टाफ  भी उपस्थित रहा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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