कुरुक्षेत्र, 3 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि अब तक समाधान शिविर में 8319 शिकायतें प्राप्त हुई, इनमें से 5432 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की पोर्टल पर डिटेल जानकारी अपडेट करें, ताकि शिकायत दोबारा ओपन ना हो। अधिकारियों की रिमाक्र्स स्पष्ट ना होने के कारण शिकायतों की पेंडिंग में संख्या ज्यादा है। इनको कम करने के लिए जांच रिपोर्ट भरकर विस्तृत जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी, सीपीजीआरएएमएस और जनसंवाद की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में बोल रहे थे। इससे पहले अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव साकेत कुमार ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सीएम विंडो से संबंधित अब तक 12259 शिकायतें प्राप्त हुई है, जिनमें से 12008 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है, जबकि 108 शिकायतें ओवर ड्यू है और 179 शिकायत इन एक्शन है। उन्होंने कहा कि जन संवाद में 540 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें 124 इन एक्शन है और 82 शिकायतें ओवर ड्यू है। उन्होंने अधिकारियों को कहा की जल्द से जल्द सोशल मीडिया ग्रीवेंस से संबंधित 89 समस्याओं का समाधान करें तथा उसकी एटीआर भी पोर्टल पर अपलोड करें। सीपीजीआरएएमएस से संबंधित 36 शिकायतें पेंडिंग है जिसका समाधान भी समय रहते करें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है उन शिकायतों को जांच रिपोर्ट के साथ तुरंत प्रभाव से रिजेक्ट करें और पोर्टल पर डाटा अपडेट करें। उन्होंने कहा कि सोमवार व वीरवार को सभी उप मंडल और जिला स्तर पर समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं जुडकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों की शिकायतों को सुनते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय से समीक्षा भी की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वो समाधान शिविर में आने वाले शिकायतों को गंभीरता से लें और शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करें।
इस मौके पर वीसी के माध्यम से संबंधित एसडीएम ने समाधान शिविर की समीक्षा बैठक में भाग लिया तथा अपने क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
