कुरुक्षेत्र, 23 जून : हर वर्ष की भांति श्री राधा रमण बिहारी मंदिर विवेकानंद कालोनी ढांड रोड़ में निर्जला एकादशी पर सर्वकल्याण की भावना से पूजन होगा। खादी ग्रामोद्योग संघ मिर्जापुर के मुख्य व्य्वस्थाक एवं सचिव सतपाल सैनी ने बताया कि इस मौके पर छबील का भी आयोजन होगा।
श्री राधा रमण बिहारी मंदिर के पुजारी प. राजेश कौशिक ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला रहकर व्रत रखा जाता है। इसलिए इस एकादशी का नाम निर्जला एकादशी रखा गया है। इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि भीम को छोड़कर सभी पांडव वर्ष की सभी एकादशियों का व्रत करते थे लेकिन भीमसेन के लिए बिना भोजन रहना बहुत मुश्किल था। इसलिए वो एकादशी का व्रत नहीं रख सकते थे।
एक दिन भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास जी से पूछा कि कोई ऐसा उपाय बताएं जिससे मुझे भी एकादशी व्रत का पुण्य फल प्राप्त हो सके, मेरे लिए भूखे रहकर व्रत करना बहुत मुश्किल काम है। तब महर्षि वेदव्यास जी ने भीमसेन को कहा कि अगर तुम वर्ष की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त करना चाहते हो तो तुम्हें ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को बिना जल और अन्न के व्रत रखना चाहिए। महर्षि वेदव्यास जी की सलाह पर भीम ने इस व्रत को रखा था। इसलिए इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। निर्जला एकादशी पर दान,जप और तप का विशेष महत्व होता है। निर्जला एकादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु जी का शुभ आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः इस मंत्र का जप करना चाहिए। इस दिन मंदिर में फल, वस्त्र,जूस और मीठे पानी का मटका दान करना चाहिए।
