बल्लभगढ़। एसआइआर को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जानकारी नहीं है। बीएलओ इस दौरान जो उनसे जानकारी और दस्तावेज मांगते हैं, उसके बारे में पूरी तरह से अनभिज्ञता जता रहे हैं। पूछते हैं यह क्या है एसआइआर। जब उन्हें बताया यदि यह फार्म नहीं भरे तो फिर वोट कट जाएगा।
तब जाकर मतदाता जानकारी दे रहे हैं। जो 2003 के बाद कालोनी बसी हैं और उनमें तो दूसरे प्रदेशों के मतदाता रह रहे हैं वह भी अपनी वोट को लेकर चिंतित हैं। हालांकि फार्म आठ वोट को बदलवाने के लिए भरवा जा रहा है।
पृथला विधानसभा क्षेत्र के मच्छगर गांव में बीएलओ गुरमुख ने बताया कि उनके पास एक हजार मतदाता और 150 मकान हैं। वह मतदाताओं के पास जब फार्म देने के लिए गए तो उन्होंने उनसे एसआइआर के लिए मतदाताओं से दो रंगीन फोटो देने के लिए कहा। वह फोटो देते समय पूछने लगे कि इनका क्या करोगे। उन्हें बताया कि अब नए नियम के अनुसार मतदाता को दो नए फोटो देने हैं और अपनी पहचान का कोई दस्तावेज देना है। तब उन्होंने जानकारी दी।
भूदत्त कालोनी में घर-घर जाकर फार्म बांट रहे बीएलओ संदीप दीक्षित ने बताया कि एसआइआर को लेकर मतदाताओं को अब अभियान की जानकारी मिलनी शुरू हो गई है। शहर के मतदाता फिर भी इसके प्रति गंभीर दिखाई दे रहे हैं। कुछ मतदाता अपनी ड्यूटी व अन्य काम-काज पर चले गए, लेकिन महिलाओं ने काफी जानकारी दे दी। मतदाताओं के रंगीन फोटो और दस्तावेज भी उपलब्ध हो रहे हैं।
तिगांव विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में रहे कांग्रेस प्रत्याशी रोहित नागर ने भाजपा पर एसआइआर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। बूथ नंबर-80 संजय कालोनी-श्याम कालोनी, सेहतपुर की मतदाता सूची दिखाते हुए कहा कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में एक ही महिला के नाम से लगभग 30 अलग-अलग स्थानों पर मतदाता का नाम पंजीकरण है।
महिला का नाम आशा देवी, संतोष, सुनीता पाल, मीना रानी सहित कई अन्य नामों से अलग-अलग क्रमांकों पर दर्ज है। इसके अलावा एक अन्य महिला का नाम सात स्थानों पर तथा एक पुरुष का नाम चार स्थानों पर दर्ज है। तिगांव विधानसभा क्षेत्र में कुल 345 बूथ हैं। यदि पूरे क्षेत्र की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो हजारों फर्जी वोट सामने आ सकते हैं। बीएलए एक और दो को भाजपा पर पूरी तरह से ध्यान रखने के लिए कहा है।
तिगांव विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं जिला पंचायत विकास अधिकारी परमिंद्र सिंह तिगांव में बीएलओ की ड्यूटी का औचक निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बीएलओ से एसआइआर का पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने के लिए कहा है ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़़े।
