अंबाला शहर। क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 6.90 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में मुख्य आरोपित महेश कुमार, निवासी आजाद नगर हिसार को अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर उस पूरे नेटवर्क पर है जिसने करोड़ों रुपये के इस कथित निवेश घोटाले को अंजाम दिया।
नरेंद्र कुमार निवासी प्रेम नगर, अंबाला शहर की शिकायत पर 29 मार्च को थाना बलदेव नगर में आरोपित महेश कुमार व उसके अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। आरोपितों ने 24 अगस्त 2022 से 29 मार्च 2026 के बीच शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसाया।
क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर छह गुना मुनाफा और अलग से दो प्रतिशत मासिक ब्याज दिलाने का लालच दिया। झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने न सिर्फ अपनी जमा-पूंजी बल्कि अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से रुपये उधार लेकर और यहां तक कि घर का सोना बेचकर कुल 6.90 करोड़ रुपये आरोपितों को सौंप दिए थे। रकम हड़पने के बाद आरोपितों ने रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोपित के संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भूमिका खंगाल रही पुलिस
पीड़ित द्वारा करीब 6.90 करोड़ रुपये गंवाने के दावे के बाद सबसे बड़ा सवाल रकम की बरामदगी को लेकर खड़ा हो गया है। पुलिस अब आरोपित की वित्तीय गतिविधियों, बैंक खातों, निवेश चैनलों और उससे जुड़े लोगों की पड़ताल कर रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम का लेन-देन अकेले एक व्यक्ति के स्तर पर होना मुश्किल है। आरोपित के संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपित के खिलाफ गुरुग्राम और भिवानी में भी धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज हैं। साइबर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अन्य राज्यों में भी इसी तरह लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर रकम जुटाई गई थी।
