कुरुक्षेत्र, 16 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में भगवान गणेश व भगवान विश्वकर्मा की अराधना करने के उपरांत कैफेटेरिया एवं रोज़ गार्डन के निर्माण कार्य का विधिवत शिलापूजन किया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कैफेटेरिया एवं रोज़ गार्डन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस परियोजना से विश्वविद्यालय परिसर की सौंदर्यात्मक एवं पर्यावरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कैफेटेरिया एवं रोज़ गार्डन का यह निर्माण कार्य विश्वविद्यालय के आधुनिकीकरण, हरित परिसर की अवधारणा तथा छात्र-केंद्रित सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि कैफेटेरिया विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बेहतर मिलन एवं संवाद स्थल उपलब्ध कराएगा, वहीं रोज़ गार्डन परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को शांत एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करेगा।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस महत्वकांक्षी परियोजना के निर्माण में वित्तीय सहायता के लिए केयू एलुमनी हेमंत गुप्ता एवं नलिनी गुप्ता का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए कुल 5 लाख अमेरिकी डॉलर में से 2 लाख अमेरिकी डॉलर की अनुदान राशि प्राप्त हो चुकी है। पहले चरण में कैफेटेरिया के 11हजार सक्वेयर फिट क्षेत्र के दो मंजिला बिल्डिंग को पूर्ण किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण रोज गार्डन को आकर्षक एवं सुंदर बनाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के अथक सहयोग एवं प्रयास से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रगति को एक नई दिशा मिली है। इस मौके पर कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने इस परियोजना के शिला पूजन के लिए सभी को बधाई दी।
केयू एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. अनिल मित्तल ने बताया कि इस परियोजना के लिए कुल अनुदान राशि 5 लाख अमेरिकी डॉलर में से 2 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के बाद अब कैफेटेरिया निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा। वहीं बाकी राशि आने पर रोज गार्डन का भी कायाकल्प कर उसे और सुन्दर एवं भव्य बनाया जाएगा। उप-निदेशक डॉ. कंवल गर्ग ने बताया कि कि रोज़ गार्डन लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसर की शान रहा है और अब इस आर्थिक सहायता से उसका एक नया और भव्य रूप सामने आएगा।
इस अवसर पर कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा, डीन प्रो. संजीव अग्रवाल, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, प्रो. शुचिस्मिता, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, उपनिदेशक प्रो. सलोनी दीवान, एक्सईएन पंकज शर्मा, पंड़ित नरेश कौशिक, सहायक नरेन्द्र निम्मा सहित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
केयू पूर्व छात्र हेमंत गुप्ता ने दिया 5 लाख अमेरिकी डॉलर का अनुदान
कुरुक्षेत्र, 16 जून।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वर्ष 1972 बैच के पूर्व छात्र एवं अमेरिका निवासी हेमंत गुप्ता व नलिनी गुप्ता ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को 5 लाख अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया है। पूर्व छात्र हेमंत गुप्ता व नलिनी गुप्ता ने कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मन, आत्मा एवं भावनाएं सदैव कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ जुड़ी रही। केयू परिसर में कैफेटेरिया एवं रोज गार्डन के आधुनिक विकास के लिए पूर्व छात्र हेमंत गुप्ता व नलिनी गुप्ता ने 5 लाख अमेरिकी डॉलर देने का संकल्प लिया था। जिसमें से 2 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 2 करोड़ रुपये) की राशि विश्वविद्यालय को प्राप्त हो चुकी है, जबकि शेष राशि परियोजना की प्रगति के अनुसार उपलब्ध होगी।
हेमंत गुप्ता व नलिनी गुप्ता ने कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में प्राप्त हर उपलब्धि के पीछे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की शिक्षा, संस्कार, मार्गदर्शन और जीवन-मूल्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिछले तीन दशकों से अमेरिका में रहने के बावजूद उनका मन और आत्मा हमेशा अपनी मातृसंस्था से जुड़े रहे हैं। केयू एलुमनी हेमंत गुप्ता ने कहा कि यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपनी मातृसंस्था के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्नेह की विनम्र अभिव्यक्ति है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आधुनिक कैफेटेरिया और विकसित रोज गार्डन विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आगंतुकों के लिए प्रेरणा, संवाद और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे।
उन्होंने हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रो. असीम घोष, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मातृ संस्था के लिए कुछ करने का सुअवसर मिला है। उन्होंने इस परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान और उसके पूर्ण होने के बाद भी विश्वविद्यालय आते रहने तथा इस सपने को साकार रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की।
 
केयू ने बढ़ाई पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन तिथि,
इच्छुक अभ्यर्थी अब 18 जून तक कर सकेंगे आवेदन
कुरुक्षेत्र, 16 जून।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। कोऑर्डिनेटर यूनिवर्सिटी एडमिशन सैल द्वारा जारी नोटिस के अनुसार एम.ए., एम.एससी., एम.कॉम., एमबीए, एलएलबी, एमसीए, एम.फार्मेसी सहित प्रवेश परीक्षा आधारित पीजी प्रोग्राम में दाखिले के इच्छुक अभ्यर्थी अब 18 जून 2026 तक बिना विलम्ब शुल्क के ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी एडमिशन सैल के अनुसार इच्छुक विद्यार्थी समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें ताकि अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान  में रखते हुए पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 18 जून किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट या आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, प्रवेश परीक्षा, साक्षात्कार तथा प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित पूर्व घोषित कार्यक्रमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगे।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि एम.ए., एम.एससी., एम.कॉम., एम.लिब., एमएचएम एंड सीटी, एमटीटीएम, एमबीए, एमबीए (एसएफएस), बी.एड. स्पेशल एजुकेशन (वी.आई.), एम.एड. स्पेशल एजुकेशन (वी.आई.), एम.पी.एड., एलएलबी (प्रोफेशनल), एमएफए, एलएलएम, एलएलएम (एसएफएस), एम.फार्मेसी तथा एमसीए जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया शुल्क सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 1200 रुपये तथा हरियाणा के एससी, बीसी एवं दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये निर्धारित है। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करता है तो प्रत्येक अतिरिक्त पाठ्यक्रम के लिए अलग से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
केयू की राष्ट्रीय उपलब्धि से विधि संस्थान में प्रवेश हेतु बढ़ा विद्यार्थियों का रुझान: प्रो. अमित लूदरी
कुरुक्षेत्र, 16 जून।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय उपलब्धि से विधि संस्थान में प्रवेश हेतु विद्यार्थियों में रूझान बढ़ा है। केयू विधि संस्थान के निदेशक प्रो. अमित लूदरी ने बताया कि कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हाल ही केयू ने एजुकेशन वर्ल्ड मेगजीन द्वारा जारी रैंकिंग में भारत के सरकारी विश्वविद्यालयों की बहुविषयक श्रेणी में 19वां स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही एनआईआरएफ द्वारा जारी स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी केटेगरी में केयू ने 35वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
विधि संस्थान के निदेशक प्रो. अमित लूदरी ने कहा कि विश्वविद्यालय की इस प्रतिष्ठित रैंकिंग से विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि से प्रेरित होकर विधि संस्थान में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ ने अपने 25 वर्षों के गौरवशाली सफर में एक नई उपलब्धि हासिल की है। इस शैक्षणिक सत्र में विधि संस्थान में 120 सीटों के लिए पिछले 25 वर्षों की तुलना में सर्वाधिक प्रवेश आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अभूतपूर्व वृद्धि से संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा प्रशासन में उत्साह का माहौल है।
विधि संस्थान के निदेशक ने बताया कि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी संकाय, आधुनिक अधोसंरचना तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। हाल ही में विधि संस्थान ने 25 वर्ष पूर्ण किए हैं।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में संस्थान शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में और भी नए आयाम स्थापित करेगा और विधि संस्थान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों, शोधार्थियों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों को दिया है। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे हरियाणा राज्य के लिए गर्व का विषय है।
बी.वोक. इन एनवायरनमेंटल साइंस एंड सस्टेनेबिलिटी में प्रवेश शुरू,
12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन, अंतिम तिथि 21 जून
कुरुक्षेत्र, 16 जून।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार केयू पर्यावरण अध्ययन संस्थान द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ वोकेशन इन एनवायरनमेंटल साइंस एंड सस्टेनेबिलिटी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह तीन वर्षीय उद्योग-संबद्ध (इंडस्ट्री लिंक) कौशल आधारित स्नातक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा हरित रोजगार के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना है।
संस्थान के निदेशक प्रो. परमेश कुमार ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः मेरिट के आधार पर होगा तथा इसके लिए किसी प्रकार की प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। किसी भी संकाय (आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस) से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) की भावना के अनुरूप तैयार किए गए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, फील्ड सर्वेक्षण, परियोजना आधारित अधिगम, उद्योग प्रशिक्षण तथा इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। पाठ्यक्रम में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास जैसे समकालीन विषय शामिल हैं।
प्रो. लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि यह कार्यक्रम अर्न व्हाइल लर्न की अवधारणा पर आधारित है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप के दौरान 12,000 रुपये प्रतिमाह तक का स्टाइपेंड’’ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और आर्थिक सहायता दोनों प्राप्त होंगे।
उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण परामर्शदात्री संस्थानों, जल एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, उद्योगों के पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा  प्रभागों, सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों तथा अनुसंधान संस्थानों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
जनहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले: प्रो रमन सैनी
राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों को मिला समाजसेवा का संदेश
कुरुक्षेत्र, 16 जून।
हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में 5वें दिन केयू बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रो. रमन सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सेवा, समर्पण और अनुशासन के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों को सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने ट्रीपल डी के बारे में विस्तार से बताकर जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में केयू निर्माण शाखा के एक्सईएन पंकज शर्मा, एसडीओ राजेश मोंगा तथा विश्वविद्यालय प्रिंटिंग प्रेस के प्रबंधक रामेश्वर सैनी ने भाग लिया। उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने जीवन में सकारात्मक सोच, कर्तव्यनिष्ठा और टीम भावना को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल के डॉ अशोक वर्मा ने स्वयंसेवकों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। शिविर में जींद, कैथल, भिवानी तथा कुरुक्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 200 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. सुखविंद्र सिंह, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा, प्रवीण शर्मा, अनिल अत्री, रामनिवास, मीनाक्षी, दिव्या रानी, प्रीतम कुमार, बंसी लाल, नरेश कुमार, नरेंद्र, कविता, डॉ. सुशील टाया एवं सतीश, सुनील, महेंद्र शर्मा सहित एनएसएस अधिकारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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