करनाल, 12 जून। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मासिक समीक्षा बैठक आज करनाल स्थित जाट धर्मशाला में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े जी के आकस्मिक निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ हुई।
प्रदेशभर से आए जिला अध्यक्षों एवं वरिष्ठ नेताओं ने दो मिनट का मौन रखकर सूरज हेगड़े जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक प्रस्ताव में कहा गया कि उनका असामयिक निधन कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका संघर्ष, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा सदैव कार्यकर्ताओं को प्रेरित करती रहेगी।
श्रद्धांजलि के उपरांत बैठक की कार्यवाही प्रारंभ हुई। बैठक के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने सभी जिला अध्यक्षों से उनके जिलों में पिछले एक माह के दौरान किए गए संगठनात्मक, राजनीतिक एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। जिला अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित बैठकों, जनसंपर्क अभियानों, संगठन विस्तार गतिविधियों, जनहित के मुद्दों पर किए गए आंदोलनों तथा कार्यकर्ताओं के साथ किए गए संवाद की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिलाध्यक्षों को संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने, जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने तथा कांग्रेस की नीतियों और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी महीनों की रणनीति पर भी व्यापक मंथन किया गया। संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान, जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष कार्यक्रमों तथा पार्टी द्वारा तय किए जाने वाले आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनकी आवाज को मजबूती से उठाएगा और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर देश के संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के सबसे बड़े प्रतीक हैं। उनके नाम पर स्थापित लाइब्रेरी का नाम बदलना करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला निर्णय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बाबा साहेब के सम्मान और उनकी विरासत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी तथा सरकार को यह निर्णय तत्काल वापस लेना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा सरकार द्वारा 30 सितंबर तक धरना-प्रदर्शन, रैली और जनआंदोलनों पर लगाए गए प्रतिबंध को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी पीड़ा, समस्याएं और मांगें रखने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार प्रतिबंधों के माध्यम से जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र में जनता की आवाज को सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है, उसे दबाना नहीं। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार के हमले का पुरजोर विरोध करती रहेगी।
बैठक में रोहतक की दर्दनाक आगजनी की घटना पर भी गहरा दुःख व्यक्त किया गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, घायलों के समुचित उपचार तथा प्रभावित परिवारों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की गई।
संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कांग्रेस संगठन के नाम पर आयोजित होने वाला कोई भी कार्यक्रम, बैठक, धरना, प्रदर्शन अथवा अन्य गतिविधि संबंधित जिला अध्यक्ष की पूर्व अनुमति और जानकारी के बिना आयोजित नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष संगठन का अधिकृत नेतृत्व होता है और संगठनात्मक अनुशासन कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। बिना अनुमति आयोजित किसी भी कार्यक्रम को अनुशासनहीनता माना जाएगा तथा पार्टी की निर्धारित व्यवस्था का पालन सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए अनिवार्य होगा।
बैठक के अंत में सभी नेताओं ने संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
