कुरुक्षेत्र, 28 मई।   हरियाणा कला परिषद् तथा जीओ गीता गुरुकुल के सहयोग से आज बांसुरी वादन कार्यशाला के 18 वें दिन मुख्य अतिथि  वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय सभरवाल  तथा विशिष्ट अतिथि पंजाब केसरी के ब्यूरो चीफ कृष्ण धमीजा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।  सरस्वती वंदना के पश्चात भगवद्गीता के स्वरूप के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर  कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया ।  मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे सब सौभाग्यशाली हैं जो कम उम्र में ही उन्हें एक प्रतिष्ठित गुरु से बांसुरी वाद्य को  सीखने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है । उन्होंने आगे कहा कि संगीत सभी प्राणियों में सदैव प्राकृतिक रूप से विद्यमान रहता है। संगीत में विशेष रूप से बांसुरी की मधुर  ध्वनि हृदय को आह्लादित कर देती है।   उन्होंने बांसुरी वादन कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को साधुवाद दिया तथा  कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक डॉ मनीश कुकरेजा को उनके इस सेवा कार्य हेतु प्रशंसा की ।आज के अभ्यास में विभिन्न अलंकारों का तथा राष्ट्र गान की प्रस्तुति प्रतिभाओं द्वारा अतिथियों के समक्ष की गई। विशिष्ट अतिथि  कृष्ण धमीजा ने प्रसिद्ध बांसुरी वादक व मुख्य प्रशिक्षक डॉ कुकरेजा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बांसुरी की लुप्त हो रही विद्या के ज्ञान को युवा पीढ़ी में बांट कर हमारी संस्कृति का संवर्धन व संरक्षण  कर रहे हैं । उन का कहना था कि  प्रशिक्षक महोदय ने  पूर्व में आयोजित छ: बांसुरी वादन कार्यशालाओं में दर्जनों बच्चों को बांसुरी वादन के प्रशिक्षण के फलस्वरूप राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट सम्मान  से सम्मानित किया जाना प्रस्तावित करते हैं l कार्यशाला में विशेष रूप से आमंत्रित सुप्रसिद्ध समाज सेवी एवं मंच संचालिका प्रो डॉ शालिनी शर्मा ने उनके साथ आए संगीत को प्रोत्साहित करने वाली संस्था के उपस्थित गणमान्य सदस्यों का परिचय  करवाया गया । इन सदस्यों में प्रदीप झांब,रिंकू छाबड़ा,भावना, हर्ष शर्मा तथा सुशील सभी ने प्रतिभागियों को विश्व पत्रकारिता  दिवस की पूर्व संध्या के भावी कार्यक्रम  जो कि 29 मई शुक्रवार को विद्या भारती परिसर स्थित रंगशाला में सांय पांच बजे से प्रारंभ होगा में बांसुरी वादन कर राष्ट्रीय गान  प्रस्तुत करने का सुअवसर प्रदान करने हेतु निमंत्रण दिया । डॉ शालिनी शर्मा व सभीअन्य सभी प्रतिभागियों  की सरगमों व राष्ट्रीय गान की प्रस्तुति से अत्यंत अभिभूत हुए । डॉ मनीश कुकरेजा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि  तथा डॉ शालिनी शर्मा सहित अन्य सभी का हृदय से आभार ज्ञापित किया  तथा अपने बांसुरी गुरु  अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादक उस्ताद डॉ मुजतबा हुसैन को अपना प्रेरणा स्त्रोत बताया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने अपने उद्बोधन में  सभी प्रतिभागियों को साधुवाद देते हुए सभी को  बांसुरी वादन कार्यशाला में भाग लेने पर बधाई दी एवं सब के उज्जवल भविष्य की प्रार्थना की ।  उनके द्वारा प्रतिभागियों को गुरु के प्रति  सदा आदर एवं समर्पण की भावना रखने की प्रेरणा दी गई ।  हरियाणा कला परिषद्  एवं जीओ गीता गुरुकुल का विशेष  धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान संस्थानम समाज सेवा के प्रकल्पों में सदैव अग्रणी रहता है। उन्होंने संस्थान में में चल रहे विभिन्न आयोजनों एवं बांसुरी कार्यशाला की उपयोगिता पर अपने विचार रखते हुए संस्थान के सभी अधिकारियों व विशेष रूप से गीता मनीषी परमपूज्य स्वामी ज्ञानानंद जी को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरणा देने हेतु  शुभकामनाएं अभिव्यक्त की। लोगों की फरमाइश मुख्य अतिथि विजय सभरवाल जी ने  अपनी मधुर आवाज में “इक प्यार का नगमा है” गीत गाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके उपरांत कार्यशाला के संचालक एवं प्रशिक्षक डॉ मनीश कुकरेजा ने मुख्य अतिथि व अन्य सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सभी प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों ने अपनी फीड बैक देते हुए कहा कि बांसुरी वादन कार्यशाला के 18वें दिन    उन्हें बहुत कुछ नवीन सीखने को मिला है।। कार्यशाला  का समापन शांति पाठ करके किया गया ।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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