कुरुक्षेत्र, 25 मई। हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने महर्षि कश्यप जी को नमन करते हुए कहा कि महर्षि कश्यप महान परोपकारी और प्रजापालक थे। उन्होंने समाज को एक नई दिशा देने के लिए स्मृति ग्रंथ और कश्यप संहिता जैसे महान ग्रंथों की रचना की।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा रविवार को महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर गांव बारना में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने महर्षि कश्यप जी की प्रतिमा को नमन किया और माथा टेका। उन्होंने कश्यप समाज के इतिहास को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि इस समाज ने रामायण काल में निषाद् जैसे बलशाली राजा दिये। राजा निषाद् ने ही वनवास के समय प्रभु श्री रामचंद्र जी को अपने यहां आश्रय दिया था। भक्त प्रहलाद भी इस समाज की देन हैं। दशमेश पिता श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के पंच प्यारों में भाई हिम्मत सिंह कश्यप जी भी इसी समाज से थे।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कश्यप समाज को साहसी, वीर, परिश्रमी और स्वाभिमानी बताया और कहा कि आप लोगों में अपार क्षमताएं हैं। आपको अभी बहुत आगे बढऩा है। अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करके आप न केवल अपनी कौम का भला कर सकते हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में रचनात्मक भूमिका निभा सकते है। उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों को नशा जैसी कुप्रवृति से दूर रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा कश्यप समाज सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचे। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का मूल मंत्र इसी भावना से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पिछड़ा वर्ग का सबसे बड़ा हितैषी बताया और कहा कि श्री मोदी जी ने केंद्रीय ओ.बी.सी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिलवाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विजन है। आज आवश्यकता है कि इस विजन को साकार करने के लिए हम जाति, क्षेत्र, भाषा जैसे भेदभावों को मिटाकर आगे बढऩे का संकल्प लें।
