नीलोखेड़ी/ करनाल, 19 मई। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी में 27 अप्रैल से 26 मई तक सामाजिक अंकेक्षण विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनभागीदारी को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को सामाजिक अंकेक्षण की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि वे योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को समझ सकें और आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकें।
संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 14 मई से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं की टीमों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण कार्य हेतु भेजा गया है। इन ग्राम पंचायतों में बारणा (थानेसर), सा (पिहोवा), खेड़ी शीशग्रान(पिहोवा), गुढ़ा (लाडवा) तथा कलसाना (शाहाबाद) शामिल हैं। प्रशिक्षुओं द्वारा गांवों में पहुंचकर योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन, मौके का निरीक्षण तथा लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।
उन्होंने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण के अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण तथा नेशनल सोशल असिस्टेंस स्कीम जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जांच की जा रही है। प्रशिक्षुओं ने योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन करने के साथ-साथ यह भी देखा कि धरातल पर योजनाओं के तहत किए गए कार्य वास्तव में पूर्ण हुए हैं या नहीं। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों एवं लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर योजनाओं के लाभ और क्रियान्वयन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी एकत्रित की गई।
डॉ. चौहान ने बताया कि 20 मई को संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत की जाएगी। ग्राम सभा के दौरान गांव में हुए विकास कार्यों को ग्रामीणों के समक्ष रखा जाएगा तथा यदि किसी योजना में अनियमितता, अधूरा कार्य या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित सरपंच एवं क्रियान्वयन एजेंसी से जवाबदेही भी तय की जाएगी। सामाजिक अंकेक्षण की यह प्रक्रिया ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जनविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रशिक्षुओं की टीमों द्वारा ग्राम सभाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसके अंतर्गत गांवों में रैलियां निकाली गईं, दीवारों पर पेंटिंग के माध्यम से संदेश लिखे गए तथा बैनर लगाकर ग्रामीणों को ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने भी इस पहल में रुचि दिखाई और सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया को गांव के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से कोर्स कोऑर्डिनेटर विश्वनाथ जी तथा डॉ. वजीर सिंह भी विशेष रूप से मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सामाजिक अंकेक्षण की बारीकियों, योजनाओं की निगरानी तथा जनसहभागिता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संस्थान द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण विकास व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
