करनाल, 19 मई –  आयुष विभाग, हरियाणा के महानिदेशक संजीव वर्मा के मार्गदर्शन तथा उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में जिले में 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया और एसडीएम देवेंद्र शर्मा की देखरेख में तीन दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल ने बताया कि जिले के 6 ब्लॉकों (असन्ध, घरौण्डा, निसिंग, इन्द्री, नीलोखेड़ी और करनाल) में चल रहे इस प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिक्षा विभाग के 240 पीटीआई व डीपीई, आयुष विभाग के 108 अधिकारियों व कर्मचारियों सहित कुल 364 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

आयुष करनाल के ब्लॉक इंचार्ज डॉक्टर नितिन रोहिल्ला के कुशल नेतृत्व में आज करनाल के अटल पार्क में आयोजित शिविर में योग विशेषज्ञ डॉ. अमित पुंज ने वैदिक प्रार्थना के साथ सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। डॉ अमित ने आज के अभ्यास के दौरान बताया कि शिक्षकों और छात्रों के लिए योग के चमत्कारी लाभ विद्यालयों में पीटीआई, डीपीई और शिक्षकों को योग से जोड़ना बेहद दूरदर्शी कदम है, क्योंकि एक स्वस्थ शिक्षक ही एक ऊर्जावान छात्र का निर्माण कर सकता है।
उन्होंने बताया कि छात्रों के लिए योग के लाभएकाग्रता और स्मरण शक्ति में वृद्धि करता है। जिससे छात्रों की याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही तनाव और परीक्षा के डर से मुक्ति, पढ़ाई के बढ़ते दबाव और परीक्षा के मानसिक तनाव को कम करने में ध्यान बेहद कारगर है। उन्होंने बताया कि लगातार डेस्क पर बैठने से बच्चों की पीठ और गर्दन में अकड़न आ जाती है। ताड़ासन, त्रिकोणासन जैसे योग आसन शरीर को सुडौल और रीढ़ की हड्डी को मजबूत रखते हैं। इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) में सुधाररू नियमित योग से बच्चे कम बीमार पड़ते हैं, जिससे उनकी स्कूल में उपस्थिति बेहतर होती है और वे पढ़ाई में अव्वल रहते हैं।

उन्होंने बताया कि मानसिक शांति और धैर्य को संभालना और सैकड़ों बच्चों को संभालना शिक्षकों को मानसिक रूप से थका देने वाला होता है। योग शिक्षकों को मानसिक शांति देता है, जिससे उनका धैर्य और सिखाने की क्षमता बढ़ती है। ऊर्जा और स्टैमिना में बढ़ोतरी, शिक्षक दिनभर खड़े रहकर या बोलकर थक जाते हैं। योग के सूक्ष्म व्यायाम और योग जॉगिंग से शरीर में दिनभर ऊर्जा का स्तर बना रहता है। यदि शिक्षक और छात्र योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो शिक्षा का स्तर और स्वास्थ्य दोनों को एक नई ऊंचाई पर ले जाया जा सकता है

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