कुरुक्षेत्र, 18 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) ने डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नई दिल्ली स्थित होटल ली मेरिडियन में 17 मई 2026 को आयोजित भव्य समारोह में विश्वविद्यालय को कम्पटीशन सक्सेस रिव्यू द्वारा “सीएसआर टॉप लीडिंग यूनिवर्सिटी इन इंडिया अवार्ड” तथा “सीएसआर एक्सीलेंस इन एजुकेशन अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड सीडीओई केंद्र की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी ने प्राप्त किया। यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब विश्वविद्यालय का डिजिटल शिक्षा मॉडल तेजी से देशभर में लोकप्रिय हो रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के दूरदर्शी नेतृत्व तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय डिजिटल एवं ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार कर रहा है ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और आधुनिक कौशल प्राप्त हो सकें।

प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि सीडीओई द्वारा 20 हजार से अधिक शिक्षार्थियों का आंकड़ा पार करना विश्वविद्यालय के प्रति विद्यार्थियों के विश्वास को दर्शाता है। आने वाले समय में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम, एईडीपी आधारित शिक्षा मॉडल तथा इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध करवाकर विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा। प्रो. सचदेवा ने इस उपलब्धि के लिए सीडीओई की निदेशक, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी।

केंद्र की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) तथा ऑनलाइन मोड के अंतर्गत 20 हजार से अधिक सक्रिय शिक्षार्थियों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि देशभर के विद्यार्थी, कामकाजी पेशेवर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षार्थी अब गुणवत्तापूर्ण एवं लचीली शिक्षा के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। विश्वविद्यालय ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित कर समावेशी शिक्षा का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई द्वारा जुलाई 2026 सत्र से कई आधुनिक एवं उद्योग आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। नए बीएससी कार्यक्रमों में बिजनेस एनालिटिक्स, गणित एवं सांख्यिकी, कंप्यूटर साइंस तथा भूगोल जैसे विषय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही प्रबंधन एवं प्रोफेशनल शिक्षा के अंतर्गत मार्केटिंग, फाइनेंस, एचआर मैनेजमेंट तथा बिजनेस एनालिटिक्स में विशेष पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं में डिजिटल दक्षता एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, ग्रामीण पर्यटन उद्यमिता तथा विभिन्न मैनेजमेंट डिप्लोमा जैसे सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कार्यक्रम भी आरंभ किए जाएंगे।

लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि सीडीओई द्वारा एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) आधारित कार्यक्रमों को भी विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इन कार्यक्रमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों एवं कॉरपोरेट संस्थानों में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा। प्रारंभिक सेमेस्टरों में विद्यार्थियों को अकादमिक एवं प्रायोगिक शिक्षा दी जाएगी, जबकि अंतिम चरण में उन्हें उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कार्य अनुभव प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही रोजगारोन्मुख कौशल और उद्योगों का अनुभव प्राप्त होगा।

प्रो. पूनिया ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल एवं अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य के भीतर और बाहर के विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं सशुल्क इंटर्नशिप अवसर भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

राष्ट्रीय कार्यशालाएं विद्यार्थियों को बनाती हैं उद्योगों के लिए सक्षमः प्रो. सुनील ढींगरा
केयू यूआईईटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
कुरुक्षेत्र, 18 मई। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में 16-17 मई 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला यूआईईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बाहा एस.ए.ई इंडिया तथा हांडा इंडिया पावर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें देशभर के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों एवं विभिन्न टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीकर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगराा ने स्वागत संबोधन एवं कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान करती हैं तथा उन्हें पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर देती हैं।

यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने स्वागत संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशालाएं विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक परिवेश से परिचित कराती हैं तथा उनमें व्यावहारिक तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता और नेतृत्व कौशल का विकास करती हैं। प्रो. ढींगरा ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान कर उद्योगों के लिए सक्षम बनाना भी संस्थान की प्राथमिकता है।

मुख्य अतिथि सुनील गुप्ता (सीटीआई, कैट) ने “डिजाइन फेल्योर मोड एंड इफेक्ट्स एनालिसिस” तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वाहन डिजाइन में गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं हांडा इंडिया पावर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के एजीएम चंदर शेखर ने विद्यार्थियों को प्रायोगिक शिक्षा एवं अकादमिक परियोजनाओं के महत्व के बारे में जानकारी दी। बाहा एस.ए.ई इंडिया के चेयरमैन एस. बलराज ने संगठन की उपलब्धियों एवं वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले 20वें संस्करण की जानकारी साझा की, जबकि सचिव ी जतिन गर्ग ने आगामी एसएई 2027 प्रतियोगिता से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण विद्यार्थियों के साथ साझा किए।

कार्यशाला के प्रथम दिन विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सस्पेंशन एवं स्टीयरिंग सिस्टम, टाइम मैनेजमेंट, प्लानिंग एवं बजटिंग, ब्रेक डिजाइन, ब्रेकिंग सिस्टम का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, एमबाजा रूलबुक एवं तकनीकी निरीक्षण प्रक्रिया, सीएई विश्लेषण तथा ड्राइवट्रेन एवं चेसिस डिजाइन के मूल सिद्धांतों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बाजा बग्गी का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिखाया गया, जिससे उन्हें वाहन की तकनीकी संरचना को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। इन सत्रों का संचालन श्री विनय मुंदाडा, श्री प्रणव खटेकऱ, हृदय गुप्ता, मयंक द्विवेदी, तेजस बाभले एवं एसएई तकनीकी टीम द्वारा किया गया।

दूसरे दिन इलेक्ट्रिक बग्गी के विभिन्न तकनीकी पहलुओं एवं कंपोनेंट्स की जानकारी सुश्री अनूका धिंधवाल द्वारा दी गई। इसके पश्चात हांडा टीम द्वारा हांडा जीएक्स 430 इंजन के प्रिवेंटिव मेंटेनेंस पर विशेष सत्र एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जतिन गर्ग ने कॉस्ट एनालिसिस से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। “टीम वुल्फ” के कप्तान मयंक यादव ने अपनी शैक्षणिक यात्रा एवं एसएई अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया, जबकि टीम मेंटर डॉ. विशाल अहलावत ने ब्रेकिंग सिस्टम में किए गए नवाचारों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का समापन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल अहलावत द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यूआईईटी की “टीम वुल्फ” के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई। कार्यक्रम में डॉ. संजय काजल, डॉ. सुनील नैन, डॉ. अनुराधा, डॉ. उपेंद्र, डॉ. मनजीत, डॉ. सुनील ढींगरा, मयंक भारद्वाज, रविंदर चौधरी, जशनदीप, पंकज नफेरिया, गौरव शर्मा, जगदीश प्रसाद, कुलदीप मलिक, रविंदर टिकानिया, रजत, शिव, विनोद गौतम एवं कृष्ण कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ग्राफिक्स एंड एनीमेशन इंडस्ट्री में सुनहरा भविष्यः प्रो. महासिंह पूनिया
केयू में बैचलर ऑफ ग्राफिक्स एंड एनिमेशन की 60 सीटों पर दाखिले शुरू
कुरुक्षेत्र, 18 मई।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के कुशल मार्गदर्शन में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में संचालित बैचलर ऑफ ग्राफिक्स एंड एनिमेशन कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस पाठ्यक्रम में 60 सीटें उपलब्ध हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में रचनात्मक इंडस्ट्री दुनिया की सबसे प्रभावशाली इंडस्ट्री के रूप में तेजी से उभर रही है। ग्राफिक्स एंड एनिमेशन, यूआई-यूएक्स डिजाइन तथा डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मनोरंजन, विज्ञापन, सोशल मीडिया, फिल्म, ओटीटी प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लीकेशन और डिजिटल मार्केटिंग के विस्तार से इस क्षेत्र की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन 2025 में भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देश की नई शक्ति बताया था। प्रधानमंत्री ने “भारत में सृजन करें, विश्व के लिए सृजन करें” का संदेश देते हुए भारतीय क्रिएटिव इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया था। प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान पिछले एक दशक से ग्राफिक्स एंड एनिमेशन इंडस्ट्री को प्रतिभाशाली युवा प्रदान कर रहा है। संस्थान विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो लैब, पुस्तकालय सुविधाएं तथा शैक्षणिक भ्रमण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम को वैश्विक ग्राफिक्स इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिससे विद्यार्थियों के रचनात्मक कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विकसित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि बैचलर ऑफ ग्राफिक्स एंड एनिमेशन डिग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी ग्राफिक्स डिजाइनर, एनिमेटर, वीडियो एडिटर, वीएफएक्स आर्टिस्ट, गेम डिजाइनर, मोशन ग्राफिक्स आर्टिस्ट, यूआई-यूएक्स डिजाइनर, डिजिटल इलस्ट्रेटर, विज्ञापन डिजाइनर, मल्टीमीडिया आर्टिस्ट, वेब डिजाइनर तथा आर्किटेक्चरल विजुअलाइजर जैसे क्षेत्रों में अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं। दाखिले से संबंधित अधिक जानकारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट और पोर्टल पर उपलब्ध है।
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विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत प्लेसमें

प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि संस्थान में प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत प्लेसमेंट होती है। संस्थान की प्लेसमेंट सेल विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य करती है। यहां के विद्यार्थी यूट्यूब, ओटीटी प्लेटफॉर्म, डिजिटल विज्ञापन, गेमिंग उद्योग सहित विभिन्न निजी एवं सरकारी संस्थानों में कार्यरत हैं। इसके अलावा थॉमसन प्रेस, मनोहर फिलामेंट, विज़ननोवा, कैनन, फॉर्च्यूनर तथा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया समेत कई संस्थानों और विभिन्न सरकारी विभागों में भी विद्यार्थियों की नियुक्तियां हो चुकी हैं।

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