कुरुक्षेत्र, 18 मई। गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानन्द जी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण कृपा समिति जीओ गीता, कुरुक्षेत्र की एक बैठक गीता ज्ञान संस्थानम में आयोजित की गई।
इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने पुरुषोत्तम मास का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को निरंतर श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ करने के लिए प्रेरित किया तथा उसके गूढ़ आध्यात्मिक भावों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 15 जून को पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर परिक्रमा, अनुष्ठान एवं पावन स्नान का आयोजन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त कुरुक्षेत्र में आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने हेतु शहर को नौ क्षेत्रों (ज़ोन) में विभाजित कर क्षेत्र प्रमुख नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। इन क्षेत्रों के माध्यम से गीता प्रचार, गौ सेवा, रक्तदान शिविर तथा अन्य सामाजिक एवं सेवा प्रकल्पों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने समिति के आगामी कार्यक्रमों एवं सेवा प्रकल्पों को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।
बैठक में समिति के प्रधान डॉ. ऋषिपाल एवं महासचिव अशोक अरोड़ा ने श्री राधा जागरण एवं सेवा-सद्भावना कार्यक्रमों के अंतर्गत कुरुक्षेत्र में संचालित विभिन्न प्रकल्पों की सफलता हेतु सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही, सभी ने मिलकर अब तक हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं व्यापक रूप से सेवा कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. ऋषिपाल, सुनील वत्स, हंसराज सिंगला, विजय नरूला, राजेन्द्र चोपड़ा, अशोक अरोड़ा, राज कुमार, जोगिन्दर शर्मा, पवन भारद्वाज, राजेन्द्र सिंगला, रामपाल, रमाकांत शर्मा, दीपक आहूजा, अशोक शर्मा, सुरेन्द्र सागवाल, अरविंद जिंदल, के. के. कौशल, महेंद्र पाल, राजीव बंसल, धर्मपाल शर्मा, सुरेश शर्मा, पवन शर्मा, पवन गुंबर, तरुण धमीजा, सुरेन्द्र धमीजा, डॉ. श्याम सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
