हरियाणा ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी दिन भी जारी रही। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान राजकुमार ने की मंच संचालन जिला सचिव मनोज कुमार ने किया। अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारीयों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया तथा हाई कोर्ट का फैसला लागू करवाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ खूब गरजे। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए ग्रामीण सफाई कर्मियों ने कहा कि 19 साल से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का भयंकर शोषण हो रहा है। उन्हें न तो पक्का कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा और ना ही पूरा वेतन दिया जा रहा है। यूनियन के नेताओं ने कहा कि शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पॉलिसी बनाकर पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय का आदेश लागू करवाने, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26000 और 27000 रूपये वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति बनाने तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा देने की मांग आदि को लेकर लगातार आंदोलन करते आ रहे हैं लेकिन सरकार सफाई कर्मियों की आवाज को अनसुना कर रही है।
कर्मचारी नेताओं राजकुमार, मनोज कुमार तथा ईश्वर बोड़वाल आदि ने कहा कि ये सरकार कितना कर्मचारी हितैषी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि मार्च 2024 के बजट सत्र में निवर्तमान मुख्यमंत्री ने 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती करने की घोषणा की थी, जिसको आज तक लागू नहीं किया और 9700 पद ग्रामीण सफाई कर्मियों के खाली पड़े हैं। 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 26000 हजार वेतन की घोषणा की, उसके बाद 11 जून 2025 को 2100 रुपए बढौतरी की घोषणा की जो आज तक लागू नहीं किया गया और ना ही 8 दिसंबर की वार्ता की मुताबिक पक्का करने की पॉलिसी बनाने का वायदा भी आज तक पूरा नहीं किया।
मीडिया से बात करते हुए संगठन के नेताओ ने कहा कि जब से भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले 12 साल में एक भी सफाई कर्मचारी और सिवरमैन स्थाई की स्थाई भर्ती नहीं की और ना ही एक भी कच्चे सफाई कर्मचारी को पक्का नहीं किया और अब नगरपालिका का कर्मचारी जब हड़ताल पर चला गया तो सरकार इस आंदोलन को पुलिस दमन के सहारे और लम्बा खींचकर तोड़ना चाहती है। जिसको सहन नहीं किया जा सकता और ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी अब आंदोलन मैदान में कूदने को का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा ने 15 16 मई को दो दिन की राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था लेकिन अब इस राज्यव्यापी हड़ताल को 20 मई तक जारी रखने का निर्णय लिया है। वहीं हड़ताल के साथ मंत्री और मुख्यमंत्री को आवास का घेराव करने की भी निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया तो ग्रामीण सफाई कर्मचारी प्रदेश भर में आंदोलन को तेज करेंगें। बाइट्स राजकुमार जिला प्रधान तथा मनोज कुमार जिला सचिव यूनियन।
ग्रामीण सफाई कर्मचारीयों ने बताया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगे निम्नलिखित है।
1. कच्चे सफाई कर्मियों को एक कलम से पक्का किया जाए।
2. 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए।
3. 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की स्थाई भर्ती की जाए।
4. मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26000 वो 27000 मासिक वेतन लागू किया जाएं।
5. वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और औजारों के भत्ते में बढौतरी की जाए।
6. एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू की जाए तथा मृतक कर्मचारी के परिजन को स्थाई नौकरी दी जाए।
7. दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख मुआवजा राशि तथा साधारण मौत पर 20 लाख राशि दी जाए।
8. सेवानिवृत्त पर एक मुश्त 10 लाख रुपए और ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए।
9. काम के औजार और वर्दी भत्ता ,धुलाई भत्ता बढ़ाया जाए।
10. सफाई कर्मियों को गुड, तेल, साबुन का मासिक भत्ता दिया जाए।

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