बाढड़ा। बाढड़ा उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ रही बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बिजली निगम ने कमर कस ली है। निगम की टीम ने क्षेत्र के दो गांवों में छापेमारी कर लगभग ढाई लाख का जुर्माना लगाया। दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम लगातार लाइनलास व बिजली चोरी से परेशान है।

निगम ने सभी अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने व बकाया वसूली का लक्ष्य दिया लेकिन बार बार अपील के बावजूद ना तो बिजली चोरी बंद हुई और ना ही बिल राशि का समय पर भुगतान हुआ।
एसडीओ रामसिंह की अध्यक्षता में गठित दो टीमों ने पिछले सप्ताह गांव गोपी, काकड़ौली हठठी में घर घर जांच अभियान चलाकर 23 घरों व प्रतिष्ठानों में बिना मीटर या कम क्षमता के मीटर पर कई गुणा अधिक मशीनें संचालित कर बिजली चोरी के मामले पकड़े।

कई घरों मेंर छतों पर दूसरी केबल से बिजली चोरी करते उपभोक्ता भी रंगे हाथों काबू किए गए। निगम ने उनके खिलाफ आठ लाख का जुर्माना लगाया था वहीं शनिवार को काकड़ौली सरदारा बिजली घर के दायरे में आने वाले दो गांवों में अभियान चलाकर कई उपभोक्ताओं को मात्र दो बल्ब का मीटर होने के बावजूद दो से तीन एयरकंडिशनर प्रयोग करते पकड़ा गया।

इसी अभियान के तहत दस जगहों पर चोरी पकड़ी और करीब ढाई लाख का जुर्माना निगम ने लगाया। बिजली निगम ने बिजली चोरी करने वाले और समय पर भुगतान ना करने वाले क्षेत्र के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की बात कही है। एसडीओ रामसिंह ने बताया कि बिजली निगम उपमंडल क्षेत्र में किसी तरह की बिजली चोरी या लंबित बिल संबंधी मामले को सहन नहीं करेगा।

तापमान बढ़ने के साथ ही उपमंडल में बिजली घरों के पुराने ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड की समस्या भी बढ़ रही है। जिस कारण बाढड़ा उपमंडल के साठ गांवों से अधिक क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को अघोषित कटों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पानी का संकट गहराता जा रहा है।

ज्योंही आपूर्ति शुरू की जाती है ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग होने से ठप हो जाते हैं और घरेलू व कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। ग्रामीण संतराम, राजेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, हवा सिंह इत्यादि ने बताया कि भीषण गर्मीमें उपमंडल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में हो रही लगातार कटौती से आमजन का जीना मुहाल हो गया है।

घरेलू क्षेत्र को तो कुछ तो बिजली मिल रही है लेकिन कृषि क्षेत्र में नाममात्र आपूर्ति से हालात विकट बने हैं। बेल वाली ककड़ी, तरबूज और कपास की फसल सिंचाई पर कुप्रभाव पड़ रहा है। पत्तेदार सब्जियों के पौधे लू से मुरझाकर दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने निगम से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली निगम ने ज्यादा गर्मी को देखते हुए घरेलू क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने व कृषि, उद्योग क्षेत्र में कटौती करने का फैसला लिया है। उपभोक्ताओं से कम से कम पांच दिन धैर्य रख सहयोग की अपील की थी। लेकिन अब लगभग एक माह गुजरने के बाद भी सुधार नहीं हो पाया है।

बाढड़ा उपमंडल में बापोड़ा, जुई, ईशरवाल बिजली घरों से आपूर्ति की जाती है। क्षेत्र के दो दर्जन छोटे बड़े बिजली घरों के माध्यम से बीस हजार से अधिक कृषि, घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले कुछ समय से तापमान में बढ़ोतरी से बिजली घरों के उपकरणों ने भी दबाव के चलते काम करना बंद कर दिया है।

मामूली दबाव बढते ही बिजली घरों में चिंगारी भड़क जाती है। अकेले बाढड़ा उपमंडल के साठ गांवों से अधिक क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से जूझना पड़ रहा है। बाढड़ा से संचालित होने वाले बेरला काकड़ौली, नांधा, कारी धारणी, द्वारका समेत दो दर्जन बिजली घरों के फीडरों पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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