अंबाला नगर निगम में पिछले दो सप्ताह से नियमित कमिश्नर ( आयुक्त) की नियुक्ति न होने को लेकर अब गंभीर प्रशासनिक और कानूनी सवाल खड़े होने लगे हैं ।बीती 1 मई से नगर निगम कमिश्नर का पद रिक्त पड़ा है.
शहर के सेक्टर 7 निवासी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने आज एक बार पुनः इस मुद्दे पर हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रदेश के
कार्मिक विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आला अधिकारियों को एक लोक अभ्यावेदन (पब्लिक रिप्रजेंटेशन) भेज तत्काल अम्बाला नगर निगम के कमिश्नर पद पर नियमित नियुक्ति की अपील की है।
अभ्यावेदन में उल्लेख किया गया है कि वीरेंद्र लाठर, जो गत माह तक
जिला नगर आयुक्त, अम्बाला के साथ-साथ नगर निगम आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे, 30 अप्रैल 2026 को आई.ए.एस. से रिटायर हो चुके हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक प्रदेश सरकार द्वारा किसी नए अधिकारी की अंबाला नगर निगम कमिश्नर पद पर नियुक्ति ( तैनाती) नहीं की गई है. हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 45(1) में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि प्रदेश सरकार राजपत्र ( सरकारी गजट) में अधिसूचना मार्फत नगर निगम कमिश्नर पद पर उपयुक्त अधिकारी
की नियुक्ति करेगी।
एडवोकेट हेमंत ने अपने अभ्यावेदन में सवाल उठाया कि हाल ही में अम्बाला नगर निगम के आम चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं और नगर निगम के नए सदन के गठन की प्रक्रिया जारी है, ऐसे संवेदनशील समय में नगर निगम को बिना नियमित कमिश्नर के छोड़ना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2 जनवरी 2026 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अम्बाला नगर निगम के आम चुनाव सम्पन्न होने के पश्चात नव-निर्वाचित मेयर और सदस्यों की पहली बैठक होने तक अंबाला नगर निगम कमिश्नर को ही निगम का प्रशासक नियुक्त किया गया. ऐसे में अब निगम कमिश्नर का पद रिक्त रहने से प्रशासनिक निर्णयों, विकास कार्यों और निगम संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
अभ्यावेदन में यह भी लिखा गया कि वर्तमान में नगर निगम अम्बाला में एक भी जॉइंट कमिश्नर (संयुक्त आयुक्त) स्तर का एच.सी.एस. अधिकारी भी तैनात नहीं है। ऐसी स्थिति में केवल लिंक अधिकारी व्यवस्था के भरोसे निगम प्रशासन चलाना उचित नहीं माना जा सकता। सनद रहे कि अंबाला नगर निगम कमिश्नर की नियमित तैनाती होने तक अम्बाला के उपायुक्त (डी.सी.) अम्बाला नगर निगम कमिश्नर के पद के लिंक ऑफिसर हैं.
एडवोकेट हेमंत ने प्रदेश सरकार से सार्वजनिक अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक उपयुक्त अधिकारी को नगर निगम अम्बाला के कमिश्नर पद पर नियमित रूप से नियुक्त किया जाए ताकि प्रशासनिक शून्यता समाप्त हो सके।
उन्होंने अम्बाला नगर निगम की नव-निर्वाचित मेयर अक्षिता सैनी को भी अभ्यावेदन की प्रति भेजकर उनसे हस्तक्षेप कर इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का आग्रह किया है।
राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों में यह मामला अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है कि आखिर प्रदेश के एक महत्वपूर्ण नगर निगम में दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी सरकार नियमित कमिश्नर की नियुक्ति में इतना विलम्ब क्यों हो रहा है.
