चंडीगढ़। अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ पकड़े गए एक युवक को जिला अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला युवक जींद, हरियाणा के गांव अलीपुर का रहने वाला कंवलदीप उर्फ दीपक है।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अंबिका शर्मा की अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। उसके खिलाफ चार साल पहले मनीमाजरा थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि दोषी के वकील का कहना था कि उसे झूठे केस में फंसाया गया था।
पुलिस के पास न कोई सबूत थे और न ही कोई मौके का गवाह, इसलिए उसने उसे बरी किए जाने की मांग की थी। हालांकि जज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कंवलदीप को दोषी करार दे दिया।
केस के अनुसार 20 फरवरी 2022 को एएसआइ रमेश कुमार के नेतृत्व में मनीमाजरा थाना पुलिस की टीम इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान फायर ब्रिगेड स्टेशन, मनीमाजरा के पास एक गुप्त सूचना मिली कि एक युवक अवैध हथियार और जिंदा कारतूस लेकर घूम रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर नाका लगाया। शाम करीब 5:20 बजे एक युवक शीतला माता मंदिर की ओर से पैदल आता दिखाई दिया। गुप्त सूचना देने वाले ने उसकी पहचान की और मौके से चला गया।
पुलिस ने संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली तो उसके पास एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। दोषी युवक हथियार का कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। पूछताछ में उसने अपनी पहचान कंवलदीप उर्फ दीपक बताई। ऐसे में पुलिस ने दोषी को हिरासत में ले लिया था।
पुलिस ने हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर सील किया और दोषी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत केस दर्ज कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद जिला अदालत ने युवक को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुना दी।
