कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के रचना शरीर स्नातकोत्तर विभाग द्वारा 15 एवं 16 मई को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में देशभर के विभिन्न आयुर्वेदिक एवं मेडिकल संस्थानों से विशेषज्ञ और प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
कार्यशाला में त्रावणकोर मेडिकल कॉलेज, केरल से डॉ. हरिकृष्णन पीआर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, महाराष्ट्र से डॉ. मिनी मोल पी, नूतन आयुर्वेदिक कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर, संकलचंद पटेल विश्वविद्यालय, गुजरात से डॉ. प्रगल्भ एमआर तथा एमडी सोहेल अहमद खान बतौर रिसोर्स पर्सन शिरकत करेंगे। जो आधुनिक एनाटॉमी शिक्षण पद्धतियों, दीर्घकालीन संरक्षित नमूनों के उपयोग तथा क्लिनिकल शिक्षा में उनकी भूमिका पर विशेष व्याख्यान देंगे। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि ऐसी कार्यशाला विद्यार्थियों और शिक्षकों को व्यावहारिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशालाएं शिक्षकों और शोधार्थियों को नवीन तकनीकों एवं अनुसंधान आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान क्षमता दोनों को मजबूती मिलेगी।
संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशालाएं शिक्षकों और विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने के साथ चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक उन्नत बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. सतीश कुमार वत्स ने बताया कि कार्यशाला “क्लिनिकल एजुकेशन में आधुनिक प्लास्टिनेशन तकनीक के माध्यम से ट्रांसलेशनल रिसर्च को सशक्त बनाना” विषय पर आयोजित की जाएगी। इसमें आधुनिक प्लास्टिनेशन तकनीक और चिकित्सा शिक्षा में उसके उपयोग पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
आयोजन सचिव प्रो. सचिन शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यशाला में देशभर के विभिन्न आयुर्वेदिक एवं मेडिकल संस्थानों से एनाटॉमी विभाग के लगभग 30 प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतिभागियों को प्लास्टिनेशन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
