बल्लभगढ़। पश्चिमी डेडिकेटेड रेल फ्रेट काॅरिडोर ने दूरदराज से सड़क मार्ग के जरिए फरीदाबाद आने वाले ट्रकों से उत्पन्न कार्बन उत्सर्जन और समय की खपत को कम किया है।
महाराष्ट्र के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से कमर्शियल कंटेनर और गुजरात से दूध लेकर फरीदाबाद आने वाले ट्रकों को ट्रेन के जरिए यहां लाया जा रहा है। पहले यह माल ढुलाई सड़क मार्ग पर निर्भर थी।
देश में पीएम गति शक्ति टर्मिनल योजना के तहत बनाए जा रहे विभिन्न टर्मिनल के तहत पृथला टर्मिनल जल्द तैयार होने वाला है जबकि रेवाड़ी का टीओटी टर्मिनल तैयार हो चुका है।
सीधे ट्रेन से रेवाड़ी पहुंचा है माल
अब दूर दराज से मालवाहक ट्रक सड़क मार्ग की बजाय ट्रेन से सीधे रेवाड़ी पहुंचता है, वहां से यह सड़क मार्ग का प्रयाेग करके फरीदाबाद व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक जाते हैं।
डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर काॅरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का दावा है कि फरीदाबाद की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के 120 से ज्यादा ट्रक रोजाना सड़क मार्ग की बजाय अब इस कारिडोर के ट्रक आन ट्रेन (टीओटी) के जरिए आ रहे हैं।
आईएमटी स्थित आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) के 25 से ज्यादा ट्रक गुजरात से रोजाना दूध लेकर यहां आ जाते हैं। टीओटी चालू होने से पहले ये सभी ट्रक सड़क मार्ग से ट्रैफिक जाम व जोखिमों के बीच 10 से 15 दिन में आ पाते थे।
तब समय व ईंधन के रूप में परिवहन लागत ज्यादा आती थी। बता दें, पीएम गति शक्ति योजना के तहत निजी निवेश से गति शक्ति कार्गो टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लाजिस्टिक्स लागत को घटाना और भारत की माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाना है।
